{"_id":"59aa476d4f1c1b4b738b4c3f","slug":"russia-took-a-neutral-view-of-the-doklam-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोकलाम पर ड्रैगन को एक और झटका, रूस ने किया चीनी एजेंडे की पैरवी करने से इनकार","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
डोकलाम पर ड्रैगन को एक और झटका, रूस ने किया चीनी एजेंडे की पैरवी करने से इनकार
amarujala.com- Presented By: त्रिनाथ त्रिपाठी
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डोकलाम सीमा विवाद को लेकर चीन को एक के बाद एक करारा झटका लगने का सिलसिला अभी जारी है। अमेरिका और इजरायल के बाद रूस ने भी डोकलाम विवाद पर चीन के रुख की पैरवी करने से इनकार कर दिया है। रूस के राजदूत ने डोकलाम मुद्दे पर चीनी एजेंडे को अपनाने से इनकार करते हुए यह साफ कर दिया कि मॉस्को इसे लेकर न्यूट्रल रुख अपनाएगा ।
विज्ञापन
डोकलाम समाधान से ठीक पहले आया था बयान
डोकलाम विवाद पर पेइचिंग में रूस के राजदूत एंद्रे जिनिसोव ने कहा था कि भारत और चीन के बॉर्डर पर इन दिनों जिस तरह के हालात हैं, उससे रूस भी काफी दुखी है। रूस की तरफ से यह बयान 28 अगस्त को डोकलाम विवाद का समाधान होने से ठीक पहले आया था।
विज्ञापन
पढ़ें:- ड्रैगन को एक और झटका, भारत के विरोध के बाद चीन को मजबूरन छोड़नी पड़ी BRICS प्लस योजना
विज्ञापन
रूस के दबाव के बाद पीछे हटा चीन
दरअसल डोकलाम विवाद को लेकर मॉस्को के रुख का भारत और रूस के रिश्तों पर भी असर पड़ सकता था, ऐसे में रुस का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। पिछले दिनों ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि डोकलाम विवाद पर चीन रूस के दबाव के बाद पीछे हटा है।
ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील और साउथ अफ्रीका के लीडर्स के साथ-साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।
पढ़ें:- डोकलाम के बहाने भारत ने चीन के साथ-साथ पड़ोसी मुल्कों को भी कराया ताकत का एहसास
आपको बता दें कि डोकलाम सीमा विवाद के बाद चीन को उस वक्त एक और करारा झटका लगा था, जब ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर चीन को भारत के सामने झुकना पड़ा। भारत के कड़े विरोध के बाद ब्रिक्स समूह के विस्तार की योजना चीन को मजबूरन छोड़नी पड़ी थी।