चीन ने लांच किया भारत के लिए पहला निवेश फंड, कहा- दहाई अंकों में हो सकता है भारत का विकास
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चीन के एक सरकारी बैंक ने भारत के लिए समर्पित देश का पहला सार्वजनिक निर्गम वाला निवेश फंड लांच किया है। बैंक ने कहा कि दहाई अंकों की दर से विकास करने की संभावना के कारण भारतीय बाजार चीन के निवेशकों के लिए सर्वोत्तम निवेश अवसर प्रस्तुत करता है। नए निवेश फंड का नाम रखा गया है इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी) क्रेडिट सुइस इंडिया मार्केट फंड। यह फंड भारतीय बाजार पर आधारित ऐसे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश करेगा, जो यूरोप और अमेरिका के 20 से अधिक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हैं।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह भारत में निवेश करने के लिए चीन का पहला सार्वजनिक निर्गम वाला फंड है। रिपोर्ट में एक फंड मैनेजर के हवाले से कहा गया है कि यह फंड भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य में निवेश करेगा और समूचे भारतीय बाजार में औद्योगिक संरचना के विस्तार पर गौर करेगा।
विशेषज्ञ इस कदम को भारत में निवेश बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। करीब एक पखवाड़े पहले ही चीन के वुहान में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक सम्मेलन हुआ था।बैंक ने फंड को लांच करते हुए भारत के आर्थिक विकास की उत्साहवर्धक तस्वीर पेश की है।
भारत के विकास की पूरी निश्चितता
आईसीबीसी द्वारा भारत फंड की लांचिंग के मौके पर ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि विदेश में सबसे महत्वपूर्ण उभरते बाजार के रूप में भारतीय शेयर बाजार का लंबी अवधि का रुझान निश्चित रूप से सकारात्मक रहना चाहिए। चीन के निवेशकों के लिए मौजूदा समय भारतीय शेयरों में निवेश शुरू करने का सबसे अच्छा अवसर पेश करता है। भारत के विकास को लेकर निश्चितता बिल्कुल स्पष्ट है। लेकिन शहरीकरण में निरंतर तेजी और मध्य वर्ग के विस्तार को देखते हुए भारत का भावी मूल्य बहुत अधिक होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि क्रय शक्ति की समतुल्यता के आधार पर अनुमान लगाया जाए, तो भारत का जीडीपी वैश्विक जीडीपी के सात फीसदी के आसपास है।
भारतीय शेयरों में निवेश का है बेहतरीन मौका
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बाजार में अभी निवेश करने का मतलब है कि निवेशक को दहाई अंकों की आर्थिक विकास दर का लाभ मिलेगा। पहली तिमाही में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश शुरू करने के लिए बेहतरीन मौका है।
रिपोर्ट के मुताबिक एक रिसर्च से पाया गया है कि समान जोखिम स्तर पर भारतीय बाजार में जुड़ने के बाद पोर्टफोलियो का अनुमानित रिटर्न बढ़ाया जा सकता है। छोटे और मझोले निवेशकों के लिहाज से विदेशी निवेश बाजार में प्रवेश करने की न्यूनतम सीमा ऊंची होती है। इसके कारण उन्हें इस क्षेत्र में प्रवेश करने में कठिनाई होती है। मौजूदा संस्थागत ढांचा के हिसाब से यह विदेश में निवेश करने का अनूठा अवसर है।
भारतीय बाजार का प्रदर्शन दुनिया में सर्वोत्तम
रिपोर्ट के मुताबिक हाल के रिसर्च बताते हैं कि निरंतर किए जा रहे सुधारों, आर्थिक आंकड़ों में हुए सुधार और लाभपरकता बढ़ने से भारतीय बाजार दुनिया में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले बाजारों में एक हो गया है। रिपोर्ट में मार्च का उदाहरण पेश करते हुए कहा गया है कि चीन और अमेरिका के व्यापारिक तनाव के कारण अन्य एशियाई शेयर बाजारों से विदेशी पूंजी मौटे तौर पर बाहर निकली है। इसी बीच भारत में विदेशी पूंजी का निवेश बढ़कर 2.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत का लोहा मानते हैं। एजेंसी