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भारत को ओबीओआर के प्रति अधिक व्यावहारिक रुख अपनाना चाहिए: चीनी मीडिया

Mon, 20 Mar 2017 02:47 PM IST
amarujala.com- Presented by : हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by : हर्षित गौतम Updated Mon, 20 Mar 2017 02:47 PM IST
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 india should adopt OBOR with more pragmatic attitude: Chinese media
China economy

चीन के सरकारी मीडिया स्टेट रन डेली ने कहा है कि भारत वन बेल्ट वन रोड की पहल को ज्यादा व्यावहारिक तरीके से लेगा। संयुक्त राष्ट्र में दिए गए राष्ट्रपति शी जिनपिंग की परियोजना में अंतरराष्ट्रीय समर्थन का दावा भी चीन के इस डेली अखबार ने किया है।

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चीन के माउथपीस में छपे एक लेख में दावा किया गया है कि भारत की चिंताओं से अलग अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा इस प्रोजेक्ट (ओबीओआर) को भारी समर्थन मिल रहा है। चीन का दावा है कि ज्यादा से ज्यादा देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन ओबीओआर का स्वागत कर रहे हैं। साथ ही वो इसे आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के अवसर के रूप में शामिल होते हुए देख रहे हैं। चीन मीडिया द्वारा कहा गया है कि भारत को इस मुद्दे को ज्यादा सावधानी से देखने की जरूरत है।
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चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत अमेरिका के उस कदम से सबक लेते हुए ओबीआर पर ज्यादा व्यावहारिक रवैया अख्तियार करेगा जिसमें पूर्व अमेरिकन अधिकारी ने चीन के प्रायोजित एशियाई इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की स्थापना का विरोध करके एक "सामरिक गलती" की थी।

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इस लेख में ये भी कहा गया है कि अगर नई दिल्ली ओबीओआर से अलग रहने के मामले में अन्य देशों को मनाने में असमर्थ है तो उसे चाहिए कि वो इस विकास कार्यक्रम का समर्थन करे और इसमें शामिल हो, इससे भारत को ही फायदा होगा।

लेख में ये भी कहा गया है कि "भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर पर विवाद ने नई दिल्ली को इस क्षेत्र में होने वाले बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश की किसी भी संभावना के प्रति सतर्क कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। भारत को सामान्य व्यावसायिक निवेश और भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों को अलग करना सीखना होगा।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ओबीओआर एक मुख्य प्रजोक्ट है जो कि चीन को पड़ोसियों के साथ- साथ यूरो एशिया से भी जोड़ता है। इस प्रोजेक्ट में  21 वीं सदी के समुद्री सिल्क रोड को बनाया जाना है जो कि चीन को विश्व के कई बंदरगाहों से जोड़ेगा जैसा की 46 अरब डॉलर का चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) बांग्लादेश, चीन, भारत और म्यांमार को आपस में जोड़ रहा है।

चीनी मीडिया के इस लेख में ये भी कहा गया है कि ओबीओआर और सीपीईसी दोनों ही बेहतर आर्थिक पहल हैं। उम्मीद करते हैं कि भारत इसके फायदों को स्वीकार करते हुए इसमें शामिल होने की पहल को स्वीकार करेगा।

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