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डोकलाम के जरिए भारत का चीन को करारा झटका, 3 महीने में ड्रैगन को हुए 4 बड़े नुकसान

Wed, 30 Aug 2017 01:04 PM IST
त्रिनाथ त्रिपाठी, amarujala.com
त्रिनाथ त्रिपाठी, amarujala.com Updated Wed, 30 Aug 2017 01:04 PM IST
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India gives a blow to China in Doklam issue, These 4 major losses in 3 months

भारत और चीन के बीच डोकलाम बॉर्डर को लेकर करीब तीन महीनों से चल रहा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। दोनों देशों ने विवादित क्षेत्र से अपनी-अपनी सेना को पीछे हटा लिया है। डोकलाम विवाद का समाधान ना केवल भारत की कूटनीतिक जीत मानी जा रही है बल्कि इसके जरिए उसने चीन को करारा झटका भी दिया है। करीब 70 दिनों से अधिक समय तक चले इसे गतिरोध से चीन को कई बड़े नुकसान हुए हैं। आइए आपको बताते हैं क्यों डोकलाम समझौता चीन के लिए है घाटे का सौदा ?

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चीन के छोटे पड़ोसी देशों को कड़ा संदेश
डोकलाम विवाद पर चीन आखिरकार भारत के आगे झुक गया और सीमा से अपनी सेना हटाने के लिए तैयार हो गया है। डोकलाम समझौते से ना केवल भारत की कूटनीतिक जीत हुई है बल्कि इसके जरिए उसने चीन के छोटे पड़ोसी देशों को भी कड़ा संदेश दे दिया।
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दरअसल भारत लगातार विवादित क्षेत्र से सेना हटाए जाने के बाद बातचीत के जरिए विवाद का हल निकालने पर जोर दे रहा था, तो वहीं चीन की ओर से भारत को लगातार युद्ध की धमकियां मिल रही थीं। चीन की धमकियों के खिलाफ डोकलाम में भारत की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि चीन के छोटे पड़ोसी देश इस तरह के विवादों को कूटनीतिक तरीके से हल कर सकते हैं।

कूटनीतिक तौर पर किसकी जीत ?

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डोकलाम विवाद को लेकर भारत शुरू से ही हर कदम पर कूटनीतिक चाल चल रहा था और बातचीत के जरिए डोकलाम विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहा था। तो वहीं चीन की ओर से भारत को लगातार युद्ध की धमकियां मिल रही थीं। चीन की धमकियों के खिलाफ डोकलाम में भारत ने कूटनीतिक दिशा में कदम बढ़ाया और सफलता हासिल की। आपको बता दें कि कूटनीति में ऐसी ही स्थिति पैदा की जाती है कि दोनों पक्ष एक-एक कदम आगे बढ़ाएं।

पढ़ें:- डोकलाम समझौता: चीन के बेतुके सवाल से भड़के अजीत डोभाल ने दिया था करारा जवाब

ब्रिक्स जैसे मंचों पर नुकसान
भारत और चीन, दोनों ही देश सार्क, संघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन और ब्रिक्स जैसे मंचों पर साथ-साथ रहते हैं। ऐसे मंचों पर दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों पर बातचीत होती है, जिसे सुरक्षा चिंता की वजह से खत्म नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही डोकलाम विवाद ने सार्क और ब्रिक्स जैसे समूहों में भी चीन की साख पर असर डालने का काम किया।

नहीं मिला दिग्गजों का साथ
वैश्विक पटल पर डोकलाम विवाद से चीन को एक और बड़ा नुकसान हुआ है और वो है दिग्गज देशों का साथ ना मिलना। आपको बता दें कि डोकलाम मुद्दे पर जहां अमेरिका, जापान और इजरायल जैसे देशों ने भारत का समर्थन किया तो वहीं दूसरी तरफ किसी भी देश ने खुलकर चीन का साथ नहीं दिया और ना ही उसके कदम को सही ठहराया।

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