दुनिया से मिल रहे सपोर्ट पर चिढ़ा चीनी मीडिया, बोला- भारत कर रहा पीड़ित होने का ढोंग
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अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा भारत को मिल रहे सपोर्ट को देखते हुए चीनी मीडिया एक बार फिर से चिढ़ गया है। डोकलाम मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया भारत को सपोर्ट कर रहा है, जिसके बाद चीनी मीडिया ने एक बार फिर आग उगलना शुरू किया है। चीन की सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने पश्चिम मीडिया पर भारत का पक्ष लेने का आरोप लगाया है।
चीनी मीडिया का कहना है कि चुकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है इसलिए पश्चिमी मीडिया डोकलाम मुद्दे पर भारत का पक्ष ले रही है। मंगलवार को चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक ओपिनियन में कहा गया कि भारत चीन के मुकाबले कमजोर है इसलिए लोग सहानुभूति के तौर पर उसका सपोर्ट कर रहे हैं।
लेख में आगे लिखा गया है कि पश्चिम देशों की मीडिया में भारत की छवि एक पीड़ित की है, जिसे चीन दबा रहा है। हालांकि भारत गलत तरीके से चीनी सीमा में घुस आया है, जबकि ये सीमा विवाद चीन और भूटान के बीच है।
अमेरिका पर लगाया जंग भड़काने का आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले भी चीनी मीडिया भारत के सपोर्ट को लेकर पश्चिमी मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल चुका है। इससे पहले अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन एग्जामिनर में भारत के सपोर्ट में एक लेख छपा था। जिसेक बाद चीनी मीडिया ने अमेरिका पर भारत और चीन के बीच युद्ध भड़काने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन एग्जामिनर में 'ट्रंप मस्ट सपोर्ट इंडिया अगेन्स्ट चाइना' नाम से एक लेख छपा था। जिसमें कहा गया था कि अमेरिका चीन के खिलाफ भारत को सपोर्ट जरूर करेगा। भारत और अमेरिका एक महत्वपूर्ण संबंध साझा करते हैं। चीनी के बढ़ते कदम से निपटने के लिए अमेरिका भारत की मदद जरूर करेगा।
यह लेख चीनी सरकार के आधिकारिक अखबार ग्लोबल टाइम्स को नागवारा गुजरा। जिसके बाद ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया कि अमेरिका हर विवाद में अपनी टांग अड़ाना चाहता है और शायद ही कभी विवाद खत्म करने में मदद करता है।
ग्लोबल टाइम्स में वॉशिंटन एग्जामिनर में छपे लेख की आलोचना की गई है। चीनी अखबार में कहा गया कि पश्चिम में कई ऐसी ताकतें है जो भारत और चीन के बीच युद्ध भड़काना चाहती है। जिससे वह बिना कुछ किए अपना फायदा निकाल सकें। अमेरिका इसी नीति को दक्षिण चीन सागर में लागू कर रहा है।