पाकिस्तान की उम्मीदों पर चीन ने फेरा पानी, कहा- कश्मीर दोनों देशों के बीच का मामला
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जिस चीन के दम पर पाकिस्तान हर जगह हेकड़ी दिखाता है, उसने भी संयुक्त राष्ट्र में उसका साथ छोड़ दिया। शुक्रवार को चीन ने कश्मीर मुद्द पर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि यह विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच है और उन्हें ही इसे हल करना होगा। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में कई बार कश्मीर का मुद्दा उठाया और उसे उम्मीद थी कि चीन उसका सपोर्ट करेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर चीन का रुख साफ है। कश्मीर सालों से विवाद का मुद्दा बना हुआ है। चीन यह आसा करता है कि भारत और पाकिस्तान इस विवाद को बातचीत के जरिए हल कर लेंगे।
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हालांकि चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर में लगभग 46 बिलियन डॉलर का निवेश कर रखा है। चीन पीओके में चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर बना रहा है, जिसका भारत शुरुआत से ही विरोध कर रहा है। इससे पहले भी चीन कश्मीर का मुद्द यूएन में उठाने की पाकिस्तान की मांग को खारिज कर चुका है।
'कश्मीर में हो जनमत संग्रह, नियुक्त हो एक दूत'
चीन ने कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लागू करने के इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के आह्वान को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत के जरिए इस मसले का हल द्विपक्षीय तरीके से करना चाहिए।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने शुक्रवार को एक बार फिर कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का घोषणापत्र लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को भारत लागू करने से इनकार कर रहा है, जिसमें जनमत-संग्रह के जरिए कश्मीर समस्या के हल की बात कही गई है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोलते हुए पाक पीएम ने कहा कि 'पाकिस्तान भारत के साथ कश्मीर समेत हर मुद्दे पर बातचीत को तैयार है। कश्मीर मुद्दे पर किसी विशेष दूत की नियुक्ति की जानी चाहिए।'