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पाक आतंकी मसूद अजहर का साथ देने पर चीन ने दी सफाई
एजेंसी/ बीजिंग
Updated Thu, 09 Feb 2017 06:44 AM IST
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चीन ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड व जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के अमेरिकी प्रस्ताव को रोकने के अपने फैसले का बचाव किया। उसने कहा कि अभी ऐसी स्थितियां नहीं हैं कि बीजिंग को अपना कदम पीछे लेना पड़े।
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अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिशों को चीन द्वारा तीसरी बार रोकने संबंधी सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने मीडिया से कहा कि बीजिंग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि संबंधित पक्ष आम सहमति पर पहुंच सकें।
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उसने कहा कि फिलहाल इस संबंध में मापदंडों को पूरा नहीं किया गया था। लू ने कहा कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1,267 समिति ने मसूद को प्रतिबंध की सूची में डालने के मुद्दे पर चर्चा की थी। लेकिन इस पर अलग-अलग किस्म के विचार सामने आए और अंत में कोई आम सहमति नहीं बनी।
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मसूद पर प्रतिबंध लगाना चाहता है अमेरिका
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के लिए पिछले साल भारत ने कोशिशें की थीं, लेकिन उस पर प्रतिबंध लगाने की कवायद इस बार इसलिए अहम है क्योंकि अब इसका दबाव अमेरिका बना रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि मसूद अजहर के मुद्दे पर भारत-चीन संबंधों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। चीन का यह कदम को पाकिस्तान के कहने पर उठाने के आरोप पर लू ने कहा कि सुरक्षा परिषद में चीन द्वारा उठाया गया कदम नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप ही है।
मसूद पर प्रतिबंध लगाना चाहता है अमेरिका
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो अन्य स्थायी सदस्य ब्रिटेन और फ्रांस के समर्थन से अमेरिका ने संरा की प्रतिबंधों से जुड़ी समिति 1267 में अहजर को आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को गत माह ही भेजा था। इस प्रस्ताव को वॉशिंगटन और नई दिल्ली से बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया गया था। इसमें कहा गया था कि जैश-ए-मोहम्मद प्रतिबंधित आतंकी संगठन हैं इसलिए इसके नेता को सजा से बचाया नहीं जा सकता है।
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