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ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध का निर्माण करेगा चीन, भारत और बांग्लादेश की चिंता बढ़ी
Sun, 29 Nov 2020 11:00 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 29 Nov 2020 11:00 PM IST
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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चीन, तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर एक महत्वपूर्ण बांध का निर्माण करेगा। अगले साल से लागू होने वाली 14वीं पंचवर्षीय योजना में इस पुल से संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया जा चुका है। चीन के आधिकारिक मीडिया ने बांध बनाने का जिम्मा प्राप्त कर चुकी एक चीनी कंपनी के प्रमुख के हवाले से यह जानकारी दी है।
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'ग्लोबल टाइम्स' की खबर के अनुसार 'पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना' के अध्यक्ष यांग जियोंग ने कहा कि कि चीन 'यारलुंग जंग्बो नदी (ब्रह्मपुत्र का तिब्बती नाम) के निचले हिस्से में जलविद्युत उपयोग परियोजना शुरू करेगा।' यह परियोजना जल संसाधनों और घरेलू सुरक्षा को मजबूत करने में मददगार हो सकती है।
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'ग्लोबल टाइम्स' ने रविवार को 'कम्युनिस्ट यूथ लीग ऑफ चाइना' की केंद्रीय समिति के वी-चैट अकाउंट पर डाले गए एक लेख का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। यांग ने कहा है कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) देश की 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-25) तैयार करने के प्रस्तावों में इस परियोजना को शामिल करने और 2035 तक इसके जरिए दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करने पर विचार कर चुकी है। इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी अगले साल नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) द्वारा औपचारिक अनुसमर्थन किये जाने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
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उल्लेखनीय है कि ब्रह्मपुत्र नदी भारत और बांग्लादेश से होकर गुजरती है। ऐसे में चीन की ओर से लाए गए नदी पर बांध निर्माण के इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद से दोनों देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि चीन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि वह बाकी देशों के हितों को भी ध्यान में रखेगा।
बता दें कि भारत सरकार नियमित रूप से अपने विचारों और चिंताओं से चीनी अधिकारियों को अवगत कराती रही है। इसके साथ ही भारत ने चीन से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है कि ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी हिस्सों में होने वाली गतिविधियों से नदी के निचले हिस्से से जुड़े देशों के हितों को नुकसान न हो।