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चीन: बिना ट्रायल पूरा किए दस हजार लोगों को लगाई वैक्सीन, सेहत से खिलवाड़ की खुली पोल
Mon, 28 Sep 2020 01:01 AM IST
Jeet Kumar
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 28 Sep 2020 01:01 AM IST
सार
- औपचारिक परीक्षणों को किनारे कर तीन टीकों का किया इस्तेमाल
- सरकारी दबाव में ‘असुरक्षित’ वैक्सीन लगवाने को मजबूर
- विशेषज्ञों ने चेताया, लोगों में पल जाएगा प्रतिरक्षा का भ्रम
- उलटे बढ़ सकता है संक्रमण
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चीन कोरोना Covid 19 वैक्सीन
- फोटो : iStock
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विस्तार
एक ओर दुनियाभर के वैज्ञानिक सुरक्षित कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए संघर्षरत हैं तो दूसरी ओर चीन बिना ट्रायल पूरा किए टीके दसियों हजार लोगों को लगा भी चुका है।
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ताजा खुलासे से पता चला है कि चीनी अधिकारियों की देखरेख में आवश्यक सेवाओं, फार्मास्युटिकल फर्मों, सुपर मार्केट के कर्मचारियों और शिक्षकों समेत जोखिमग्रस्त इलाकों में जाने वाले लोगों पर तीन वैक्सीनों का इस्तेमाल किया गया है।
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बताया जा रहा है कि ये अधिकारी औपचारिक परीक्षणों से बाहर इन वैक्सीनों को बड़ी तादाद में लोगों पर आजमाकर जल्द से जल्द इनका असर पता लगाना चाह रहे हैं। ड्रैगन के इस बड़े दांव से दुनियाभर के वैज्ञानिक हैरान है।
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उनका कहना है कि इस परीक्षण से चीन भले ही अपने टीकों की क्षमता सिद्ध करने की फिराक में हो लेकिन इससे वह सीधे तौर पर हजारों लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है।
चेतावनी: उलटे बढ़ सकता है लोगों में संक्रमण का खतरा
विशेषज्ञ कह रहे हैं कि बिना मंजूरी वाली वैक्सीन लोगों को देने से उसके नतीजे नकारात्मक भी हो सकते हैं। हो सकता है कि लोगों में एंटीबॉडी न बनें बल्कि उनमें संक्त्रस्मण का खतरा बढ़ जाए।
वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर सहमति के बाद वैक्सीन के लिए वॉलेंटियरों को चुना जाता है लेकिन अधिनायकवादी चीन में टीकों का उपयोग लोगों पर बिना सहमति के ही होने के पूरे आसार हैं।
यह बात भी सामने आई है कि जिन कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है, उन्होंने लोगों से एक गैर-कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा है, जिससे वे बाहर जानकारियां न दे पाएं।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न स्थित मर्डोक चिल्ड्रन रीसर्च इंस्टीट्यूट के पीडियाट्रिशन डॉ किम मुलहोलैंड के मुताबिक, सबसे बड़ी चिंता की बात भी यही है कि चीन में लोग टीकों के इस तरह के परीक्षणों में शामिल होने से इनकार भी नहीं कर सकते।
कंपनियों ने कबूली डोज देने की बात
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन में कितने लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं। चीन के सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी सिनोफार्म का कहना है कि हजारों लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई है।
वहीं, बीजिंग स्थित कंपनी सिनोवैक ने कहा कि शहर के 10,000 से ज्यादा लोगों को इंजेक्शन लगाए गए हैं। साथ ही उसके तीन हजार से ज्यादा कर्मचारियों और उनके परिवारों के भी टीका लगाया जा चुका है।