China: घटती जन्म दर से परेशान चीन एक अनोखा प्रोजेक्ट करेगा लॉन्च, पुराने रिवाजों पर लगाएगा अंकुश
इस परियोजना के अंतर्गत शादी करने के लिए युवाओं को मनाया जाएगा। साथ ही सही उम्र में बच्चे पैदा करना और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारियों को साझा करने के लिए माता-पिता को प्रोत्साहित करेगा।
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चीन घटती आबादी को बढ़ाने के लिए युवाओं को रिझाने में लगा है। इसके लिए वह 20 से अधिक शहरों में ‘नए युग’ की शादी और बच्चे पैदा करने की संस्कृति को बनाने के लिए लिए एक पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करने जा रहा है। ताकि अधिकारियों द्वारा बच्चे पैदा करने वाले एक अनुकूल माहौल को बढ़ावा दिया जा सके।
एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन का परिवार नियोजन संघ, जो सरकार की जनसंख्या और प्रजनन उपायों को लागू करता है, महिलाओं को शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए परियोजनाएं शुरू करेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत शादी करने के लिए युवाओं को मनाया जाएगा। साथ ही सही उम्र में बच्चे पैदा करना और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारियों को साझा करने के लिए माता-पिता को प्रोत्साहित करना होगा। वहीं, शादी के दौरान दहेज देना और अन्य पुराने रीति-रिवाजों पर अंकुश लगाया जाएगा।
गलत अवधारणा को मिटाने की जरूरत
पायलट प्रोजेक्ट में शामिल शहरों में चीन के हेबेई प्रांत में मैन्युफैक्चरिंग हब ग्वांगझू और हान्डान शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एसोसिएशन ने पिछले साल बीजिंग सहित 20 शहरों में परियोजनाएं शुरू की थीं। एक स्वतंत्र जनसांख्यिकीविद् हे याफू का कहना है कि समाज को शादी और बच्चे को जन्म देने को लेकर युवाओं का मार्गदर्शन करने की जरूरत है। युवाओं में अक्सर शादी और बच्चे को लेकर गलत अवधारणा बनी होती है उसे मिटाने की जरूरत है।
पहले भी शुरू हो चुकी हैं परियोजनाएं
आपको बता दें, यह पहली बार नहीं है, जब चीन ने आबादी बढ़ाने के लिए कोई फैसला लिया है। वह पहले भी कई परियोजनाएं शुरू कर चुका है। जैसे- टैक्स इनसेंटिव, आवास सब्सिडी, और तीसरा बच्चा पैदा करने के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाली शिक्षा।
चीन में कभी लागू थी ‘एक बच्चा’ नीति
चीन ने 1980 से 2015 तक ‘एक-बच्चा’ की सख्त नीति लागू की थी जो कि इसकी कई जनसांख्यिकीय चुनौतियों की जड़ है। इसी नीति ने भारत को दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने का मौका दिया है। अब यह सीमा तीन बच्चों तक बढ़ा दी गई है।