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चीन ने पहली बार स्वीकारा, गलवां घाटी में हुई झड़प में मारे गए थे उसकी फौज के सैनिक

Fri, 18 Sep 2020 11:03 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 18 Sep 2020 11:03 AM IST
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India China Border News China suffered far fewer than 20 deaths incurred by Indias military in clash says global times indian army rajnath
भारत चीन सीमा: भारत-चीन के बीच गतिरोध जारी है। (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

भारत और चीन के बीच मई की शुरुआत से सीमा विवाद जारी है। चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहा है जिसका भारतीय सेना के जवान उसे मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। इसी बीच चीन ने पहली बार माना है कि गलवां घाटी की झड़प में उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी। इससे पहले तक चीन इस बात को मानने से इनकार कर रहा था।

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चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के संपादक ने माना है कि गलवां घाटी में चीन की सेना को नुकसान पहुंचा था और कुछ जवानों की जान गई थी। अखबार के प्रधान संपादक हू शिजिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान को ट्वीट कर लिखा कि जहां तक मुझे पता है गलवां घाटी की झड़प में चीनी सेना के जवानों की मरने वाली संख्या भारत के 20 के आंकड़े से कम थी। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन के किसी सैनिक को बंदी नहीं बनाया जबकि चीन ने उस दिन ऐसा किया था।
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बता दें कि ग्लोबल टाइम्स चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का आधिकारिक अखबार है जिसे पीपुल्स डेली द्वारा प्रकाशित किया जाता है। शिजिन ने ट्वीट के साथ एक स्क्रीनशॉट साझा किया है जिसमें एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि झड़प के दौरान भारत ने चीनी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था।

यह भी पढ़ें-  भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में आर-पार की जंग के लिए तैयार, जानें अब तक क्या कुछ हुआ


वहीं गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम पूर्वी लद्दाख में चुनौती का सामना कर रहे हैं, हम मुद्दे का शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहते हैं और हमारे सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए डटकर खड़े हैं।

चीन ने लद्दाख में अनधिकृत कब्जा कर रखा है'
राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन, भारत की लगभग 38,000 स्क्वायर किलोमीटर भूमि पर अनधिकृत कब्जा लद्दाख में किए हुए है। इसके अलावा, 1963 में एक तथाकथित बाउंड्री अग्रीमेंट के तहत, पाकिस्तान ने पीओके की 5,180 स्क्वायर किलोमीटर भारतीय जमीन अवैध रूप से चीन को सौंप दी है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र के लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर पर चीन अपना दावा करता है।

'देश का मस्तक झुकने नहीं देंगे'
राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं देश के 130 करोड़ लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम देश का मस्तक किसी भी कीमत पर झुकने नहीं देंगे और न ही हम किसी का मस्तक झुकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने गलवां में चीन को भारी नुकसान पहुंचाया। राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन की कथनी और करनी में फर्क है।

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