ताइवान की राष्ट्रपति को अमेरिका ने दी बधाई, तिलमिलाए चीन ने जताई आपत्ति
- विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘एक चीन’ सिद्धांत का उल्लंघन न करें कोई देश
- प्रवक्ता ने कहा, दुनिया में एक ही चीन है और ताइवान इसका हिस्सा है
- कई देशों के नेताओं ने साई इंग वेन को दोबारा जीतने पर दी थी बधाई
- स्वशासित देश ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है चीन
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चीन ने ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन को अमेरिका व अन्य देशों का बधाई देना नागवार गुजरा है। चीन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे ‘एक चीन’ के सिद्धांत का खुला उल्लंघन करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआन ने रविवार को कहा, चीन इस पर असंतोष व्यक्त करता है। हम चीन के साथ राजनयिक रिश्ते रखने वाले देशों और ताइवान के बीच किसी भी आधिकारिक आदान प्रदान का विरोध करते हैं। ताइवान में जो भी हुआ (साई की दोबारा जीत) उसका कोई मतलब नहीं है। इससे यह सच नहीं बदलेगा कि दुनिया में एक ही चीन है और ताइवान इसका हिस्सा है। चीन सरकार का रुख कभी नहीं बदलेगा।
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों, ब्रिटेन व जापान के शीर्ष नेताओं ने साई को दोबारा जीत पर बधाई दी थी। वहीं, ताइवान में ‘अमेरिकन इंस्टीट्यूट’ के निदेशक और अमेरिकी राजदूत विलियम ब्रेंट क्रिश्टेंसन ने साई को उनकी जीत पर बधाई दी और उन्होंने समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। साई ने कहा, ‘ताइवान-अमेरिका भागीदारी द्विपक्षीय भागीदारी से वैश्विक भागीदारी तक बढ़ चुका है। भविष्य में हम इस आधार को और मजबूत करेंगे जो हमने तीन वर्षों में वैश्विक मुद्दों पर सहयोग से तैयार किया है।’
स्वशासित ताइवान को चीन अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है और अमेरिका के साथ किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है और इसे अपने घरेलू मामलों में हस्तक्षेप मानता है। अमेरिका का ताइवान के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है, लेकिन वैधानिक रूप से यह सुनिश्चित करता है कि ताइवान अपने खतरों से रक्षा कर सके।