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कोरोना के बीच चीन का दावा, देश के नौ जिलों से गरीबी पूरी तरह से खत्म की

Tue, 24 Nov 2020 03:57 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 24 Nov 2020 03:57 PM IST
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China says it has eliminated poverty from last nine poorest counties criteria for a country remove from poverty list
चीन - फोटो : social media

कोरोना वायरस महामारी के बीच दुनियाभर में लोग और ज्यादा गरीब हुए हैं। इसी बीच चीन ने दावा किया है कि वह लगातार गरीबी हटाने के अभियान में जुटा हुआ है। चीन का कहना है कि उसकी नीति के चलते देश के नौ जिलों से गरीबी पूरी तरह से खत्म हो गई है।

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प्रांतीय सरकार ने एलान किया है दक्षिण चीन के ग्वांझू प्रांत के सभी जिलों ने गरीबी को पूरी तरह से मिटा दिया है। चीन के सरकारी अखबार शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने 2020 तक पूर्ण रूप से गरीबी को खत्म करने का प्रण लिया है। 2019 के अंत में, देश के उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण में 52 जिले गरीबी सूची में बने हुए थे। 
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गरीबी से लड़ना 2017 के बाद से चीन की तीन महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक रहा है। वहीं, चीन की अन्य दो लड़ाइयों के रूप में प्रदूषण और वित्तीय जोखिमों से जंग लड़ रहा है। पिछले सप्ताह, सिचुआन प्रांत में लियांगशान यी स्वायत्त प्रांत में सात जिले राष्ट्रीय गरीबी सूची से हटाए जाने वाले आखिरी जिलों में शामिल थे।  
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चीनी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश ने पिछले कुछ दशकों में वैश्विक गरीबी को कम करने में 70 फीसदी से अधिक योगदान दिया है। इस दौरान चीन ने करीब 85 करोड़ लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराया है। देश की गरीब जनसंख्या 2012 में करीब नौ करोड़ 80 लाख थी जो 2019 में गिरकर पचास लाख के करीब आ गई।

गरीब सूची से हटने के लिए क्या मापदंड हैं?
मौटे तौर पर किसी देश के लिए गरीबी सूची हटने पर तीन मापदंडो पर खरा उतरना होता है, पहला- आय, दूसरा- कोई चिंता नहीं और तीसरा - गारंटी। पहला मापदंड आय है। साल 2010 में किसानों के लिए प्रति व्यक्ति आय 2,300 युआन (25,879 रुपये) रही। 


दूसरा, खाने और कपड़े को लेकर किसी तरह की कोई चिंता नहीं है और तीसरा, शिक्षा अनिवार्य, मेडिकल केयर और घरों की सुरक्षा के लिए गारंटी दी जाती है। हालांकि, प्रांतों के लिए गरीबी रेखा के अलग-अलग मापदंड हो सकते हैं।

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