चीन ने लद्दाख को बताया अवैध, एलएसी के पास सैन्य बेस बनाने से भी किया इनकार
भारत के साथ सीमा विवाद के बीच चीन ने एक बार फिर विवादास्पद रुख अपनाया है। चीन ने मंगलवार को कहा कि वह अवैध रूप से बनाए गए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को नहीं मानता है। इसके साथ ही चीन ने कहा कि वह सीमा क्षेत्रों में भारत द्वारा किए गए सैन्य निर्माण के खिलाफ था।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन और भारत दोनों को ही ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए, जिनसे स्थिति और बिगड़े। चीन ने सीमा पर किए गए अपने निर्माण कार्य को लेकर कहा कि ये निर्माण कार्य उसने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के अपने क्षेत्र में किए हैं।
इसके साथ ही चीन ने उन रिपोर्ट्स को भी खारिज किया जिनमें कहा गया है कि उसने एलएसी के पास नए सैन्य बेस तैयार किए हैं। चीन ने कहा कि ये रिपोर्ट गलत उद्देश्य के तहत प्रसारित की जा रही हैं। उसने कहा कि हम सीमा क्षेत्र में सैन्य उद्देश्य से किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य के खिलाफ हैं।
लद्दाख में भारत द्वारा ऊंचाई पर तैयार किए जा रहे सड़क नेटवर्क को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि चीन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को नहीं मानता है। वांग ने कहा कि भारत ने लद्दाख को अवैध रूप से केंद्र शासित प्रदेश बनाया है।
वांग ने कहा, 'चीन भारत के साथ समझौतों का पूरी तरह से पालन करता है। हम भारत के साथ सीमा पर शांति और स्थिरता का माहौल कायम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और वहीं दूसरी ओर हम अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करते हैं।’
भारत नहीं मानता एलएसी की 61 साल पुरानी परिभाषा
वहीं, भारत ने मंगलवार को चीन के इस दृष्टिकोण को खारिज किया कि बीजिंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की अवधारणा पर 1959 के अपने रुख को मानता है। भारत ने साथ ही कहा कि पड़ोसी देश तथाकथित सीमा की अपुष्ट और एकतरफा व्याख्या करने से बचे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस मामले पर कहा कि भारत ने कभी भी 1959 में एकतरफा रूप से परिभाषित तथाकथित वास्तविक नियंत्रण रेखा को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बरकरार रही है और चीनी पक्ष सहित सभी इस बारे में जानते हैं।
पूर्वी लद्दाख में मौजूदा हालात असहज हैं : वायुसेना प्रमुख
इससे पहले मंगलवार को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर लंबे समय से चल रहे गतिरोध के संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी उत्तरी सीमा पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य असहज है जहां 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति है।
एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि वायुसेना ने स्थिति पर तेजी के साथ प्रतिक्रिया दी है। वह क्षेत्र में किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा, 'हमारी उत्तरी सीमा पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य असहज है। हमारे सुरक्षा बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार हैं।'