फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China says Dalai Lama must correct his political propositions for talks; Asks US to respect its sensitivities

China: दलाई लामा को चीन की नसीहत, वार्ता के लिए अपने राजनीतिक प्रस्तावों में करें सुधार; अमेरिका को दिया सुझाव

Thu, 20 Jun 2024 09:41 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 20 Jun 2024 09:41 PM IST
सार

China: धर्मशाला में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और दलाई लामा की मुलाकात पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आयी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि दलाई लामा वार्ता के लिए अपने राजनीतिक प्रस्तावों में सुधार करें।

विज्ञापन
China says Dalai Lama must correct his political propositions for talks; Asks US to respect its sensitivities
दलाई लामा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

चीन ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। चीन ने कहा कि दलाई लामा बातचीत के लिए अपने राजनीतिक प्रस्तावों में सुधार करें। इसके साथ चीन ने अमेरिका को सुझाव देते हुए कहा कि अमेरिका तिब्बत से जुड़े मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता का सम्मान करें। बता दें कि वाशिंगटन एक सख्त तिब्बत नीति कानून पारित करने वाला है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दलाई लामा के साथ केंद्र सरकार के संपर्क और संवाद के बारे में चीन की नीति अविरोधी और पूरी तरह से स्पष्ट है।
विज्ञापन


अमेरिका ने तिब्बत को लेकर पास किया बिल
अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की धर्मशाला यात्रा और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के साथ उनकी बैठक पर चीन ने नजर रखी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की ये यात्रा ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों की तरफ से पारित तिब्बत नीति विधेयक पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। बता दें कि राष्ट्रपति जो बाइडन के हस्ताक्षर के बाद ये विधेयक कानून बन जाएगा। तिब्बत नीति विधेयक तिब्बत पर अपने नियंत्रण के बारे में चीन के विमर्श का मुकाबला करने और चीनी सरकार और दलाई लामा के बीच संवाद को बढ़ावा देने पर जोर देता है। जो साल 1959 में हिमालयी क्षेत्र से भागने के बाद से भारत में रहते हैं। 
विज्ञापन


अमेरिका को चीन ने दिया सुझाव
वहीं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के धर्मशाला दौरे और तिब्बती धर्मगुरु के साथ मुलाकात पर चीन ने कहा, हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वो शिजांग से जुड़े मुद्दों की संवेदनशीलता और महत्व को स्पष्ट रूप से देखे। शिजांग पर अपनी टिप्पणियों में चीन के मूल हितों का ईमानदारी से सम्मान करें। उन्होंने निर्वासित तिब्बत सरकार की कथित टिप्पणियों की भी आलोचना की कि वह अमेरिकी संसद द्वारा पारित नए तिब्बत कानून का उपयोग चीन को बातचीत की मेज पर आने के लिए बाध्य करने और अन्य देशों के साथ बातचीत के लिए दबाव डालने का आग्रह करने के लिए करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने आगे कहा कि, तथाकथित निर्वासित तिब्बत सरकार पूरी तरह से अलगाववादी राजनीतिक समूह और अवैध संगठन है जो चीन के संविधान और कानूनों का पूरी तरह से उल्लंघन करता है। इसे किसी भी देश ने मान्यता नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed