Sri Lanka: हंबनटोटा बंदरगाह पर 4.5 अरब डॉलर की रिफाइनरी स्थापित करेगा चीन, श्रीलंका सरकार ने दी मंजूरी
Sri Lanka: श्रीलंका के उर्जा मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने सोमवार को चीन की सिनोपेक कंपनी को हंबनटोटा बंदरगाह पर एक नया पेट्रोलियम रिफाइनरी संयंत्र स्थापित करने की मंजूरी दे दी है।
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श्रीलंका ने चीन की उर्जा कंपनी सिनोपेक को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हंबनटोटा बंदरगाह पर 4.5 अरब डॉलर का नया पेट्रोलियम रिफाइनरी संयंत्र स्थापित करने की अनुमति दे दी है। द्वीप राष्ट्र के उर्जा मंत्री कंचना विजेसेकरा ने सोमवार को इसकी पुष्टि की है।
सिनोपेक ने इस साल जुलाई में श्रीलंका के बाजार में प्रवेश किया। इसका आगामी संयंत्र श्रीलंका के लिए 4.5 अरब डॉलर के साथ सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। विजेसेकरा ने कहा, मंत्रिमंडल ने सोमवार को चीन के सिनोपेक को हंबनटोटा बंदरगाह पर एक नया पेट्रोलियम रिफाइनरी संयंत्र स्थापित करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि नई रिफाइनरी को एक उत्पाद प्रशिक्षण केंद्र के साथ पूरक बनाया जाएगा। कोलंबो बंदरगाह के बाद हंबनटोटा श्रीलंका का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। बंदरगाह 2010 में खोला गया था और 2017 से इसे श्रीलंका पोर्ट अथॉरिटी और चाइना मर्चेंट पोर्ट्स के बीच एक संयुक्त उद्यम के तहत प्रबंधित किया गया है जिसे हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट ग्रुप के नाम से जाना जाता है।
बंदरगाह के निर्माण को एक्जिम बैंक चीन द्वारा वाणिज्यिक ऋण के तहत वित्त पोषित किया गया था। श्रीलंका में चीन का बड़ा निवेश सरकारी कंपनी चाइना मर्चेंट पोर्ट होल्डिंग्स द्वारा 2017 में हंबनटोटा बंदरगाह पर 99 साल की लीज पर दिए जाने और कोलंबो बंदरगाह में लॉजिस्टिक और स्टोरेज हब बनाने के लिए एक और मिलियन सौदे के बाद हुआ है।