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China: तीसरे साल भी घटी चीन की जनसंख्या, 2024 में 1.408 अरब रही आबादी, 13 लाख की कमी ने बढ़ाई ड्रैगन की चिंता
Fri, 17 Jan 2025 10:02 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 17 Jan 2025 10:02 AM IST
सार
China Population in 2025 : साल 2024 के अंत तक देश की आबादी 1.408 अरब रह गई है। देश की जनसंख्या में पिछले साल के मुकाबले 13 लाख की कमी आई है। जनसंख्या में लगातार हो रही गिरावट ने जिनपिंग सरकार की चिंता बढ़ा दी है। जनसंख्या में लगातार आ रही गिरावट की वजह जन्म दर में कमी आना है।
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चीन की जनसंख्या में गिरावट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चीन की जनसंख्या में लगातार तीसरे साल गिरावट आई है। साल 2024 के अंत तक देश की आबादी 1.408 अरब रह गई है। देश की जनसंख्या में पिछले साल के मुकाबले 13 लाख की कमी आई है। जनसंख्या में लगातार हो रही गिरावट ने जिनपिंग सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
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चीन की जनसंख्या में लगातार आ रही गिरावट की वजह जन्म दर में कमी आना है। दरअसल चीन ने कई साल पहले अपनी बढ़ती जनसंख्या को कम करने के लिए वन चाइल्ड पॉलिसी लागू की हुई थी। बीजिंग सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में वृद्ध आबादी बढ़ रही है और कामकाजी उम्र के लोगों की संख्या कम हो रही है। जन्म दर बढ़ नहीं रही है।
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यह हैं चीन में जनसंख्या कम होने के बड़े कारण
चीन की जनसंख्या में गिरावट के कारण भी सामने आए हैं। यहां युवा शादी करने में देरी कर रहे हैं क्योंकि वे अपने भविष्य, नौकरी की सुरक्षा और बढ़ती जीवन लागत को लेकर चिंतित हैं। अगर वे शादी कर भी लेते हैं तो बच्चे पैदा नहीं कर रहे हैं। वहीं लोग लंबे समय पर जी रहे हैं। लेकिन जन्म दर के आंकड़े न बढ़ने से सरकार परेशान है। वहीं भारत चीन को पछाड़कर दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। भारत की जनसंख्या पिछले साल 142.86 करोड़ दर्ज की गई। चीन की आबादी 140 करोड़ रह गई है। चीन जापान और पूर्वी यूरोप के उन देशों में शामिल हो गया है, जिनकी जनसंख्या में गिरावट आ रही है।
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आबादी बढ़ने पर लागू की थी वन चाइल्ड पॉलिसी
चीन लंबे समय तक दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में शामिल रहा है। 1949 के बाद जब कम्युनिस्ट पार्टी यहां सत्ता में आई तो बड़े परिवार उभरे। इसके बाद तीन दशक में देश की जनसंख्या दोगुनी हो गई। हालात यह हो गए कि देश की आबादी भोजन क्षमता से ज्यादा हो गई। इसके बाद चीन ने वन चाइल्ड पॉलिसी लागू की। इसके तहत महिलाओं को बच्चा पैदा करने के लिए आवेदन करना पड़ता था। इसका उल्लंघन करने पर गर्भपात करा दिया जाता और जुर्माना लगाया जाता था। इसके साथ ही बच्चे को पहचान संख्या नहीं दी जाती थी।
100 महिलाओं पर 104 पुरुष
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में लिंगानुपात असंतुलित है। यहां पर 100 महिलाओं पर 104 पुरुष हैं। वहीं चीन में बूढ़ी आबादी बढ़ रही है। देश में कुछ आबादी का पांचवां हिस्सा 60 वर्ष का उससे अधिक उम्र का है। इस वर्ग की कुल आबादी 310 मिलियन और कुल आबादी की 22 फीसदी है। 2035 तक यह जनसंख्या 30 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है।
प्रोत्साहन योजनाएं भी नहीं डाल सकी प्रभाव
घटती आबादी से चीन की सरकार भी चिंतित है। यही वजह है कि मई 2021 में चीन की सरकार ने जनसंख्या बढ़ाने के लिए तीन बच्चों की नीति लागू करने का एलान किया था। चीन की सरकार ने अपने कई प्रांतों में जन्म दर बढ़ाने के लिए दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू कीं ताकि लोग ज्यादा संख्या में बच्चे पैदा करें। लेकिन इन प्रोत्साहन योजनाओं का खास फर्क नहीं पड़ा है। वहीं चीन में 10 मिलियन से अधिक लोग शहरों की ओर चले गए हैं। इससे शहरीकरण की दर 67% हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग एक प्रतिशत अधिक है।