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चीन का नया प्रोपेगेंडा वीडियो: सैन्य ड्रोन की फुटेज जारी, ग्रेनेड से लक्ष्य को बना सकता है निशाना

Sat, 03 Oct 2020 04:40 PM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: देव कश्यप Updated Sat, 03 Oct 2020 04:40 PM IST
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China releases footage of its latest military drone that can strike targets with grenades
Chinese drone - फोटो : Dailymail

लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर गतिरोध जारी है। इसी बीच चीन के सरकारी मीडिया ने सैन्य ड्रोन का एक वीडियो जारी किया है, जो दो ग्रेनेड लांचर को लेकर हवा में उड़ सकता है। राज्य ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के अनुसार, दक्षिणी चीन में हाल ही में युद्ध के अभ्यास के दौरान यह हथियार दिखाई दिया है।

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यह रोटरी-विंग एयरक्राफ्ट दिए गए निर्देश के अनुसार ग्रेनेड को फायर करने और विभिन्न मिशनों को संचालित करने में सक्षम है, जिसमें सामरिक टोही और मिडएयर इंटरसेप्शन शामिल हैं।
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बीजिंग ने अपने इस नवीनतम लड़ाकू ड्रोन को कथित तौर पर दक्षिणी चीन के एक वर्षा वन में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की थल सेना के एक विशेष ब्रिगेड द्वारा युद्ध अभ्यास के दौरान प्रयोग किया था।
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वहीं, दूसरी तरफ इसके शस्त्रागार में एके-47 राइफल और घातक ड्रोन बमवर्षकों के साथ मानव रहित स्टील्थ फाइटर जेट्स शामिल हैं जो ईंधन भरे बिना 35 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं।

सीसीटीवी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा जारी एक वीडियो रिपोर्ट में कहा कि 'बीजिंग के नवीनतम लड़ाकू ड्रोन को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की थल सेना के एक विशेष ब्रिगेड द्वारा मॉक ड्रिल के दौरान तैनात किया गया था। बताया गया है कि युन्नान प्रांत में एक वर्षा वन में सैन्य अभ्यास हुआ था।'

सीसीटीवी की रिपोर्ट में बताया गया है कि 'इस हथियार का निर्माण हार्वर, एक चीनी कंपनी द्वारा किया गया है, जिसे 'विशेष उपकरण' के साथ ड्रोन के विकास और निर्माण में विशेषज्ञता हासिल है।'


बता दें कि चीन का सरकारी मीडिया लगातार चीन की सेना के वीडियो जारी करता रहता है। अक्सर इनमें चीन के सैनिक युद्ध अभ्यास करते या फिर किसी नए हथियार का परीक्षण दिखाई देते हैं। असल में ये चीन का मनोवैज्ञानिक युद्ध है, जिसे चीन का सरकारी मीडिया बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है।


चीन का प्रोपेगेंडा वीडियो
कुछ दिन पहले चीन का एक प्रोपेगेंडा वीडियो सामने आया था। ये वीडियो अमेरिका के सैन्य अड्डे पर चीन के नकली हमले का वीडियो था, जिसे चीन की एयरफोर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। यह वीडियो प्रशांत महासागर में अमेरिका के नौसैनिक अड्डा गुआम पर हमले का एक नकली वीडियो है। 


जिसके बाद से सोशल मीडिया पर पूरी दुनिया में चीन का मजाक उड़ा। यह वीडियो दो मिनट 15 सेकेंड का है। इसमें चीन की वायुसेना को अमेरिका के एक सैन्य अड्डे गुआम पर मिसाइल हमला करते दिखाया गया। जबकि असल में चीन ने हॉलीवुड की दो फिल्मों के अलग-अलग दृश्यों को मिलाकर ये वीडियो बनाया है। यानी हॉलीवुड की फिल्मों के वीडियो से अब चीन-अमेरिका के खिलाफ ही प्रोपेगेंडा वीडियो जारी कर रहा है।

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