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China: सीमा विवाद तक सीमित नहीं हैं भारत के साथ संबंध, कहा- दोनों तरफ से विश्वास बहाली की जरूरत

Thu, 14 Mar 2024 07:23 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: यशोधन शर्मा Updated Thu, 14 Mar 2024 07:23 AM IST
सार

वांग ने उम्मीद जताई कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई देने के लिए दीर्घकालिक सोच के साथ चीन के साथ एक दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा, हम हमें आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए और गलतफहमियों और गलत फैसलों से बचना चाहिए।

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China Relations with India not limited border disputes
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल दौरे पर अनर्गल टिप्पणी करने के बाद भारत के कड़े रुख को देख चीन के सुर नरम पड़ गए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग बेनबिन ने कहा, चीन और भारत दोनों मानते हैं कि सीमा विवाद का जल्द समाधान दोनों देशों के हित में है।

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वेनबिन ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष भारत-चीन के नेताओं के बीच बनी साझा समझ और विभिन्न समझौतों की भावना के अनुरूप राजनयिक और सैन्य चैनलों के जरिये वार्ता जारी रखेंगे और सीमा विवाद के ऐसे हल तक पहुंचेंगे जो दोनों को स्वीकार्य हो। वांग ने उम्मीद जताई कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई देने के लिए दीर्घकालिक सोच के साथ चीन के साथ एक दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा, हम हमें आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए और गलतफहमियों और गलत फैसलों से बचना चाहिए। किसी भी तरह की बाधा को दूर करने के लिए बातचीत और सहयोग बढ़ाना चाहिए। हमें अनावश्यक विवाद खड़ा करने से बचना चाहिए। इस तरह हम द्विपक्षीय संबंधों को विकास के मजबूत और स्थिर रास्ते पर ला सकते हैं। 
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सीमा विवाद पर जयशंकर की बात का किया समर्थन
यह ध्यान दिलाए जाने पर कि जयशंकर ने पूर्वी लद्दाख में हालिया विवाद के समाधान पर जोर दिया है जहां दोनों देशों ने भारी संख्या में सैनिक जमावड़ा कर रखा है जबकि चीन पूरे सीमा विवाद को सुलझाने की बात कर रहा है, वांग ने कहा, दोनों बातों की प्रकृति एक जैसी है। वेनबिन ने कहा कि दोनों देशों को गलत निर्णय लेने से बचने के लिए आपसी विश्वास बहाल करना होगा, क्योंकि यह पूरी तरह सच है कि आपस में झगड़े से किसी को कोई लाभ नहीं मिलने वाला।
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यूएन में भी आतंकवाद पर भारत ने चीन को घेरा
जयशंकर ने कहा था, अगर चीन इन समझौतों का पालन करे, तो दोनों देशों के बीच तनाव खत्म हो सकता है और सीमा विवाद के स्थायी हल का रास्ता खुल सकता है। इसी तरह सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने चीन को आतंक पर इसके दोहरे रवैये को लेकर घेरते हुए कहा था कि संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जिन्हें वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया है, चीन सुरक्षा परिषद में उन पाकिस्तानी आतंकियों को बचाने के लिए वीटो पावर का इस्तेमाल करता है।


सीमा पर सामान्य होनी चाहिए स्थिति
वांग...वांग ने बुधवार को जयशंकर के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन और भारत दोनों का मानना है कि सीमा पर स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो, क्योंकि यही दोनों पक्षों के साझा हित में हैं।

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