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चीन ने अपना रक्षा बजट साढ़े सात फीसदी बढ़ाया, भारत के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा है यह रकम
Wed, 06 Mar 2019 03:22 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, बीजिंग
एजेंसी, बीजिंग
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 06 Mar 2019 03:22 AM IST
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चीन रक्षा मंत्री
- फोटो : self
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चीन ने मंगलवार को इस साल के अपने रक्षा बजट को साढ़े सात फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 177.61 अरब डॉलर करने की घोषणा की है। यह रकम भारत के रक्षा बजट से तीन गुना से भी ज्यादा है। बता दें कि अमेरिका के बाद रक्षा क्षेत्र पर सर्वाधिक खर्च करने वाला दूसरा देश है।
चीन की संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के पहले दिन मंगलवार को बजट का मसौदा पेश किया गया। इसके अनुसार, चीन का 2019 का रक्षा बजट 1,190 लाख करोड़ युआन (करीब 177.61 अरब डॉलर) का होगा। हालांकि, इस साल रक्षा बजट में पिछले साल के 8.1 फीसदी के मुकाबले कम बढ़ोतरी की गई है। चीन का पिछले साल का रक्षा बजट 175 अरब डॉलर का था। इस साल की बढ़ोतरी के साथ रक्षा क्षेत्र पर चीन का खर्च 200 अरब डॉलर के आंकड़े के और करीब पहुंच गया है।
चीन ने 2015 तक रक्षा क्षेत्र में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी की थी। लेकिन साल 2016 से वह अपने रक्षा बजट में हर साल दस से कम अंक की बढ़ोतरी कर रहा है। उसने अपने रक्षा बजट में 2016 में 7.6 फीसदी, 2017 में सात फीसदी और 2018 में 8.1 फीसदी की दर से बढ़ोतरी की थी।
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बदली रणनीति, नौसेना और वायुसेना को कर रहा मजबूत
हाल के वर्षों में चीन ने दूसरे देशों में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए रणनीति बदली है। उसने नौसेना और वायुसेना को प्राथमिकता देते हुए उनको मजबूती दी है। हालांकि, उसने पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों की संख्या में तीन लाख तक की कटौती भी की है। इसके बावजूद 20 लाख के संख्या के साथ पीएलए अब भी दुनिया की सबसे बड़ी सेना है।
रक्षा बजट में भारत ने भी इस साल की थी बढ़ोतरी
भारत के रक्षा बजट को इस साल 6.87 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.18 लाख करोड़ रुपये करने का फैसला किया गया। हालांकि, यह आंकड़ा भी पड़ोसी चीन और पाकिस्तान द्वारा अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार बढ़ाने की वजह से लगाई जा रही उम्मीदों के माकूल नहीं है। पिछले साल भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 2.98 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे।
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चीन की संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के पहले दिन मंगलवार को बजट का मसौदा पेश किया गया। इसके अनुसार, चीन का 2019 का रक्षा बजट 1,190 लाख करोड़ युआन (करीब 177.61 अरब डॉलर) का होगा। हालांकि, इस साल रक्षा बजट में पिछले साल के 8.1 फीसदी के मुकाबले कम बढ़ोतरी की गई है। चीन का पिछले साल का रक्षा बजट 175 अरब डॉलर का था। इस साल की बढ़ोतरी के साथ रक्षा क्षेत्र पर चीन का खर्च 200 अरब डॉलर के आंकड़े के और करीब पहुंच गया है।
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चीन ने 2015 तक रक्षा क्षेत्र में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी की थी। लेकिन साल 2016 से वह अपने रक्षा बजट में हर साल दस से कम अंक की बढ़ोतरी कर रहा है। उसने अपने रक्षा बजट में 2016 में 7.6 फीसदी, 2017 में सात फीसदी और 2018 में 8.1 फीसदी की दर से बढ़ोतरी की थी।
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बदली रणनीति, नौसेना और वायुसेना को कर रहा मजबूत
हाल के वर्षों में चीन ने दूसरे देशों में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए रणनीति बदली है। उसने नौसेना और वायुसेना को प्राथमिकता देते हुए उनको मजबूती दी है। हालांकि, उसने पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों की संख्या में तीन लाख तक की कटौती भी की है। इसके बावजूद 20 लाख के संख्या के साथ पीएलए अब भी दुनिया की सबसे बड़ी सेना है।
रक्षा बजट में भारत ने भी इस साल की थी बढ़ोतरी
भारत के रक्षा बजट को इस साल 6.87 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.18 लाख करोड़ रुपये करने का फैसला किया गया। हालांकि, यह आंकड़ा भी पड़ोसी चीन और पाकिस्तान द्वारा अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार बढ़ाने की वजह से लगाई जा रही उम्मीदों के माकूल नहीं है। पिछले साल भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 2.98 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे।