फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   china president Xi Jinping became more powerful after hold on military affairs

सैन्य मामलों में शी जिनपिंग की पकड़ और मजबूत, निशाने पर अमेरिका या ताइवान?

Mon, 04 Jan 2021 03:45 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 04 Jan 2021 03:45 PM IST
सार

ताइवान के विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि चीन अपनी नई व्यवस्था का इस्तेमाल ताइवान की आजादी समर्थक ताकतों के खिलाफ कर सकता है। चीन का इरादा ताइवान का अपने देश में विलय कराने का है...

विज्ञापन
china president Xi Jinping became more powerful after hold on military affairs
शी जिनपिंग - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

चीन में सेंट्रल मिलिटरी कमीशन (सीएमसी) की शक्ति और बढ़ाने के फैसले को राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सैन्य मामलों में मजबूत होती पकड़ का संकेत माना गया है। विश्लेषकों के मुताबिक राजनीतिक और विचारधारात्मक मामलों में भी शी जिनपिंग की हैसियत अब इतनी बढ़ चुकी है, फिलहाल उन्हें किसी हलके से चुनौती मिलने की संभावना नहीं है। अब सैनिक मामलों में भी ऐसा ही हो जाएगा। शी जिनपिंग ही सीएमसी के अध्यक्ष हैं। अब सीएमसी को रक्षा मामलों में सैनिक और असैनिक संसाधन जुटाने का अधिकार भी मिल गया है। उसे देश और विदेशों से संसाधन जुटाने के लिए अब अधिकृत कर दिया गया है।

विज्ञापन


देश में नया राष्ट्रीय रक्षा कानून एक जनवरी से लागू हुआ। इससे चीन के मंत्रिमंडल की शक्ति घटी है। चीन में मंत्रिमंडल को स्टेट काउंसिल कहा जाता है। अब सैनिक नीति बनाने के मामले में स्टेट काउंसिल की भूमिका बेहद सीमित होगी। जबकि सीएमसी की इस मामले में भूमिका काफी बढ़ जाएगी। अब सीएमसी बिना स्टेट काउंसिल को भरोसे में लिए सैनिकों या रिजर्व फोर्स की तैनाती का फैसला ले सकेगा।
विज्ञापन


सैनिक और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नया कानून सैन्य मामलों में शी के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए लागू किया गया है। इस कदम का आधार अमेरिका से चीन के बढ़ते टकराव को बनाया गया है। यानी अमेरिकी चुनौतियों के मद्देनजर फौरी जवाब देने में चीनी सैन्य नेतृत्व को सक्षम बनाने के लिए ये कदम उठाया गया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पत्रिका स्टडी टाइम्स के पूर्व उप संपादक देंग यूवेन ने हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा कि नए कानून से चीन की “विशेष” राजनीतिक एवं रक्षा प्रणाली को वैधानिक आधार मिलेगा। इससे उन स्थितियों में तुरंत कदम उठाए जा सकेंगे, जिनसे चीन के हितों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये कदम चीन में अधिनायकवादी प्रवृत्ति को और आगे बढ़ाएगा। इन आलोचकों के मुताबिक चीन कोरोना महामारी पर जल्द काबू पा लेने की अपनी कामयाबी का फायदा उठा रहा है। अभी पश्चिमी देश अपने यहां महामारी और उसके आर्थिक प्रभावों को संभालने में व्यस्त हैँ। इस बीच चीन अपनी सैनिक शक्ति को मजबूत कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषक चेन दाओयिन ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा कि इस कदम के जरिए चीन अपने इस सिद्धांत को कानूनी जामा पहना रहा है कि “बंदूक की कमान पार्टी के हाथ में है।” इसके जरिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी सैन्य और रिजर्व बलों पर अपना संपूर्ण नेतृत्व कायम कर रही है।  

कुछ विश्लेषकों ने सैन्य मामलों में स्टेट काउंसिल के अधिकार कम किए जाने पर हैरत जताई है। उन्होंने कहा है कि पश्चिम के विकसित देशों में सैन्य बलों को नागरिक नेतृत्व के मातहत रखा जाता है। यहां तक कि अमेरिका में भी सैन्य बल रक्षा मंत्रालय के तहत आते हैं, जिसका नेतृत्व किसी असैनिक के हाथ में रहता है। जबकि चीन में अब रक्षा नीति और सिद्धांत तय करने का पूरा हक सीएमसी को सौंप दिया गया है।

ताइवान के विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि चीन अपनी नई व्यवस्था का इस्तेमाल ताइवान की आजादी समर्थक ताकतों के खिलाफ कर सकता है। ताइवान चीन का हिस्सा है, लेकिन वह फिलहाल एक स्वतंत्र देश के रूप में मौजूद है। चीन का इरादा ताइवान का अपने देश में विलय कराने का है। लेकिन कुछ मीडिया टिप्पणियों में राय जताई गई है कि चीन की मुख्य चिंता अमेरिकी नीति में आई सख्ती है। ताजा बदलाव के जरिए चीन सरकार ने नागरिकों को आगाह करने की कोशिश की है कि वे अभूतपूर्व सैनिक गोलबंदी के लिए तैयार रहें।


चीन की संसद 'नेशनल पीपुल्स कांग्रेस' ने पिछले 26 दिसंबर को पुराने राष्ट्रीय रक्षा कानून में संशोधन का बिल पास किया था। उसके दो साल पहले से इस पर चर्चा चल रही थी। संशोधन बिल पास होने के बाद सीएमसी के प्रवक्ता ने कहा था कि नए बदलाव के साथ चीन की सेना को अपने आधुनिकीकरण और विकास के लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed