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China-Pakistan Plan: SAARC को दरकिनार करने की साजिश, चीन-PAK बनाएंगे नया मंच? इन देशों को जोड़ने की तैयारी

Mon, 30 Jun 2025 01:25 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 30 Jun 2025 01:25 PM IST
सार

पाकिस्तान और चीन दक्षिण एशिया में नया क्षेत्रीय संगठन बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, जो SAARC की जगह ले सकता है। इस संगठन में भारत, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान को भी शामिल करने की बात चल रही है। बांग्लादेश ने फिलहाल किसी राजनीतिक गठबंधन से इनकार किया है।
 

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China-Pakistan Plan Conspiracy sideline SAARC new platform Preparations to connect india srilanka bangladesh
शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

दक्षिण एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान और चीन मिलकर एक नए क्षेत्रीय संगठन की योजना पर काम कर रहे हैं, जो दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन (SAARC) की जगह ले सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए संगठन के जरिए क्षेत्रीय देशों को एकजुट कर व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर फोकस होगा। खास बात यह है कि इस मंच में भारत को भी शामिल होने का न्योता देने की योजना है।
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इस्लामाबाद के राजनयिक सूत्रों के हवाले से पाकिस्तान के अखबार 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने दावा किया है कि चीन और पाकिस्तान के बीच इस नए संगठन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। दोनों देश मानते हैं कि दक्षिण एशिया में स्थायी विकास और आपसी जुड़ाव के लिए ऐसा संगठन जरूरी है। बताया जा रहा है कि इस संगठन का ढांचा कुछ हद तक SAARC जैसा होगा, लेकिन इसमें चीन की अहम भूमिका रहेगी।
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बांग्लादेश की भूमिका पर भी सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में चीन के कुनमिंग शहर में पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई थी। इसे ही इस नए संगठन की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बांग्लादेश ने किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार किया है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने कहा कि यह बैठक केवल सामान्य बातचीत थी, कोई गठबंधन बनाने की योजना नहीं है।
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इन देशों को जोड़ने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्तावित संगठन में भारत, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान को भी शामिल करने की योजना है। इसके जरिए व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की बात कही जा रही है। हालांकि, भारत और चीन के बीच मौजूदा तनाव और पाकिस्तान के पुराने रवैये को देखते हुए इसमें भारत की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

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SAARC की निष्क्रियता बनी बहाना?
SAARC संगठन पिछले कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ा है। 2014 के बाद से इसका कोई शिखर सम्मेलन नहीं हो पाया है। 2016 में इस्लामाबाद में SAARC सम्मेलन होना था, लेकिन जम्मू-कश्मीर के उरी हमले के बाद भारत ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी सम्मेलन का बहिष्कार किया था। तब से यह संगठन ठप पड़ा है।

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चीन-पाकिस्तान की रणनीति पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान नए संगठन के जरिए दक्षिण एशिया में भारत की भूमिका को कमज़ोर करना चाहते हैं। हालांकि, भारत को इसमें शामिल करने की बात कही जा रही है, लेकिन यह देखना होगा कि भारत इस मंच का हिस्सा बनता है या नहीं। मौजूदा हालात में इस नई कूटनीतिक चाल पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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