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Hindi News ›   World ›   China opposed to NATOs eastward foray says Asia not a wrestling ground for geopolitical competition

China: जापान में संपर्क कार्यालय खोलने की योजना बना रहा NATO! चीन ने दी चेतावनी

Thu, 04 May 2023 11:47 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 04 May 2023 11:47 PM IST
सार

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग इसे उचित नहीं मानता है और यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करेगा और टकराव को बढ़ावा देगा। माओ ने कहा कि एशिया शांति, स्थिरता, सहयोग और विकास के लिए उम्मीद की जगह है, न कि भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए कुश्ती का मैदान है।

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China opposed to NATOs eastward foray says Asia not a wrestling ground for geopolitical competition
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग - फोटो : fmprc.gov.cn

विस्तार

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के लिए एक कार्यालय जापान में खोलने की योजना बना रहा है। मीडिया में यह रिपोर्ट सामने आने के बाद चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजिंग ने गुरुवार को क्षेत्र के देशों से उच्च सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उसने इस बात पर भी जोर दिया कि एशिया भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए कुश्ती का मैदान नहीं बनना चाहिए। 

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संपर्क कार्यालय खोलने की योजना बना रहा नाटो
जापान के प्रमुख समाचार पत्र 'निक्केई एशिया' ने बुधवार को अपनी एक खबर में बताया कि नाटो जापान में एक संपर्क कार्यालय खोलने की योजना बना रहा है। यह एशिया में अपनी तरह का पहला कदम होगा। खबर में जापानी और नाटो अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि टोक्यो में कार्यालय नाटो को जापान और दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड जैसे प्रमुख भागीदारों के साथ समय-समय पर विचार-विमर्श करेगा, क्योंकि चीन एक नई चुनौती के रूप में उभर रहा है। 

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भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए कुश्ती का मैदान एशिया: माओ निंग
खबर पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग इसे उचित नहीं मानता है और यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करेगा और टकराव को बढ़ावा देगा। रूस की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'तास' ने माओ से एक सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि एशिया शांति, स्थिरता, सहयोग और विकास के लिए उम्मीद की जगह है, न कि भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए कुश्ती का मैदान है। 

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चीन ने कहा- उच्च सतर्कता बरतने की आवश्यकता
माओ निंग ने कहा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नाटो का लगातार पूर्व की ओर प्रवेश और क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करेगा और टकराव को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए क्षेत्रीय देशों के बीच उच्च सतर्कता की आवश्यकता है। 
 

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नाटो देशों की भागीदारी का स्वागत: जापानी विदेश मंत्री
इससे पहले जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी ने कहा था कि टोक्यो, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नाटो के सदस्य देशों की बढ़ती भागीदारी का स्वागत करता है। पिछले महीने ब्रसेल्स में दो दिवसीय नाटो के विदेश मंत्री स्तरीय बैठक हुई। इस दौरान हयाशी ने तेजी से अस्थिर वैश्विक सुरक्षा माहौल के बीच ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन के साथ जापान के सहयोग को बढ़ावा देने का भी संकल्प लिया था।

क्वाड के तीसरे शिखर सम्मेलन से पहले आया चीन का बयान
चीन की यह प्रतिक्रिया ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 24 मई को होने वाले क्वाड समूह के तीसरे शिखर सम्मेलन से पहले भी आई है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। बीजिंग ने इससे पहले क्वाड समूह की आलोचना करते हुए कहा था कि यह वास्तव में चीन को निशाना बनाने वाला एक बंद और विशिष्ट 'गिरोह' है।

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