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Hindi News ›   World ›   China: Just before National Congress of Chinese Communist Party nationalist sentiments are high

China: कम्युनिस्ट पार्टी के महाधिवेशन से पहले चीन में राष्ट्रवादी भावनाओं का जोर

Sat, 08 Oct 2022 03:44 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 08 Oct 2022 03:44 PM IST
सार

China: दो हफ्ते पहले शी जिनपिंग का तख्ता पलट दिए जाने की अफवाह जोरों से फैली थी। उसके बाद से सीपीसी की सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो के सदस्य लगातार एकजुटता दिखाने की कोशिश में लगे रहे हैं। बीजिंग में लगाई गई एक प्रदर्शनी को देखने के लिए पोलित ब्यूरो के सदस्य एक साथ गए...

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China: Just before National Congress of Chinese Communist Party nationalist sentiments are high
National Congress of the Chinese Communist Party - फोटो : Agency

विस्तार

चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) से ठीक पहले देश में राष्ट्रवादी भावनाओं का जोर देखने को मिल रहा है। खुद कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रवादी भावनाओं को हवा दे रही है। हाल के हफ्तों में सरकार समर्थक मीडिया ने ‘संघर्ष’ और ‘लाल विरासत’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रचार अभियान तेज कर रखा है। मीडिया की चर्चाओं में लगातार चीन के लिए बढ़ रहे बाहरी और अंदरूनी खतरों का जिक्र किया जा रहा है और ‘दुश्मन’ ताकतों से संघर्ष की जरूरत बताई जा रही है।

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आम अनुमान है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 16 अक्तूबर से शुरू हो रही कांग्रेस के दौरान शी जिनपिंग को तीसरे कार्यकाल के लिए पार्टी महासचिव और देश का राष्ट्रपति चुना जाएगा। इस हफ्ते सीपीसी के मुखपत्र पीपुल्स डेली में छपे एक लेख में शी के हवाले से कहा गया कि ‘हमें अवश्य ही अपनी लाल विरासत को जारी रखना चाहिए’, संघर्ष की भावना को प्रेरित करना चाहिए और पार्टी को जारी एतिहासिक संघर्ष में देश को नेतृत्व प्रदान करना चाहिए। इस लेख में चीन की ‘महान उपलब्धियों’ का भी जिक्र किया गया।

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इसके अलावा देश में ‘लाल विरासत’ से जुड़े स्थलों पर कई प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। इनमें यह बताया गया है कि सीपीसी ने कैसे जनता की तरफ से लड़ाई लड़ी और 1949 में विजय प्राप्त की। सीपीसी के म्यूजियम में पार्टी नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं। शी जिनपिंग की तस्वीरों को लगभग उस आकार में लगाया है, जिसमें अब तक सिर्फ कम्युनिस्ट क्रांति के नेता माओ जेदुंग की तस्वीर लगती थी।

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दो हफ्ते पहले शी जिनपिंग का तख्ता पलट दिए जाने की अफवाह जोरों से फैली थी। उसके बाद से सीपीसी की सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो के सदस्य लगातार एकजुटता दिखाने की कोशिश में लगे रहे हैं। बीजिंग में लगाई गई एक प्रदर्शनी को देखने के लिए पोलित ब्यूरो के सदस्य एक साथ गए। उनमें राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री ली किचियांग भी शामिल थे।

सरकारी मीडिया में चीन की बढ़ती ताकत और उसकी उपलब्धियों का खूब ढोल पीटा जा रहा है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इनके जरिए लोगों में देशभक्ति की भावना उभारने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान चेतावनी दी जा रही है कि विदेशों में चीन विरोधी माहौल बनाया जा रहा है, जिससे संघर्ष के लिए देशवासियों को तैयार रहना होगा।

कम्युनिस्ट पार्टी की वैचारिक पत्रिका चियुशी के ताजा अंक में शी जिनपिंग का एक लेख छपा है। इसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी की संघर्ष क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है। ऐसा उसे राजनीति और वैचारिक क्षेत्र में देश को नेतृत्व देते हुए करना चाहिए। शी ने कहा है- ‘पूरी पार्टी को इस महान संघर्ष के दीर्घकालिक, जटिल, और कठिन स्वरूप को अवश्य आत्मसात करना चाहिए। उसे संघर्ष भावना को आगे ले जाते हुए अपनी संघर्ष क्षमता में वृद्धि करनी चाहिए। सीपीसी को इस महान संघर्ष में लगातार महान विजय हासिल करनी होगी।’
शी ने कहा है कि उनका सबसे बड़ा सपना चीनी राष्ट्र में नवजीवन का संचार करना और अंतिम लक्ष्य के रूप में साम्यवाद को हकीकत में बदलना है।

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