फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   china iran russia sided with Venezuela some argentina support US many remain neutral

US Captured Maduro: वेनेजुएला के समर्थन में उतरे दुनिया के ये देश, जानें अमेरिका के साथ कौन और कितने रहे तटस्थ

Sun, 04 Jan 2026 01:02 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sun, 04 Jan 2026 01:02 AM IST
सार

US-Venezuela Conflict: अमेरिका-वेनेजुएला टकराव में अर्जेंटीना और इक्वेडर ने अमेरिकी रुख का समर्थन किया। वहीं, रूस और चीन जैसे देशों ने वेनेजुएला की संप्रभुता का हवाला देकर कार्रवाई का विरोध किया। कई देश फिलहाल तटस्थ रुख अपनाए हुए हैं। वहीं, कई देशों ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन भी किया।

विज्ञापन
china iran russia sided with Venezuela some argentina support US many remain neutral
अमेरिका-वेनेजुएला टकराव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया और राष्ट्रपति मादुरो को पकड़ लिया गया है। अमेरिका में उनपर नारकोटिक्स टेररिज्म का मुकदमा चलेगा। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ देश खुलकर वेनेजुएला के समर्थन में उतर आए, कुछ ने अमेरिका का बचाव किया, जबकि कई देशों ने संयम बरतते हुए तटस्थ रुख अपनाया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - वेनेजुएला में धमाके, हिरासत में मादुरो: अमेरिकी कार्रवाई को वैश्विक मीडिया ने कैसे आंका, क्या पूछा और कहा?
विज्ञापन


वेनेजुएला के समर्थन में उतरे देश

कोलंबिया... यहां के राष्ट्रपति ने कहा कि वेनेजुएला पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। कोलंबिया ने यह साफ किया कि वह सैन्य टकराव नहीं चाहता, लेकिन शांति और मानव गरिमा की रक्षा जरूरी है। सुरक्षा कारणों से उसने वेनेजुएला सीमा पर अपनी सेना तैनात की।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यूबा... इस देश ने अमेरिकी कार्रवाई को आपराधिक हमला और आतंकवाद बताया। क्यूबा का कहना है कि यह सिर्फ वेनेजुएला नहीं, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका पर हमला है।

चिली... इस देश ने भी चिंता जताते हुए कहा कि इस संकट का हल बातचीत से निकलना चाहिए, न कि सैन्य हस्तक्षेप से।

मेक्सिको... इस देश ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का हवाला देते हुए अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की निंदा की और कहा कि किसी देश की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए।

ब्राजील... यहां के राष्ट्रपति ने कहा कि यह कार्रवाई अस्वीकार्य सीमा पार करती है और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है।

ईरान... इस देश के सर्वोच्च नेता ने कहा कि जब कोई देश झूठे आरोपों के आधार पर दूसरे पर दबाव डालता है, तो उसका डटकर विरोध करना चाहिए। ईरान ने अमेरिकी हमले को वेनेजुएला की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया।

रूस... इस देश ने इस कार्रवाई को सशस्त्र आक्रामकता बताया। रूस का कहना है कि वेनेजुएला को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार है और बाहरी सैन्य हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। रूस ने संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।

स्पेन... यहा के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में हालात को लेकर तनाव कम करने की अपील की है। उसने कहा कि सभी पक्ष संयम बरतें और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करें। स्पेन ने यह भी कहा कि वह जरूरत पड़ने पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार है।
 
जर्मनी... इस देश ने कहा कि वह वेनेजुएला की स्थिति पर बहुत करीबी नजर रख रहा है और हालिया घटनाओं से चिंतित है। जर्मन विदेश मंत्रालय कराकास स्थित अपने दूतावास के संपर्क में है और उसकी संकट प्रबंधन टीम सक्रिय है।

यूरोपीय संघ... यहां के विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने बताया कि ईयू हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो और कराकास स्थित ईयू राजदूत से बात की है। यूरोप ने कहा कि मादुरो की वैधता विवादित है, लेकिन किसी भी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन जरूरी है। 

ये भी पढ़ें - Absolute Resolve: 'वेनेजुएला के लिए उड़े थे 150 विमान, एक क्षतिग्रस्त', US जनरल ने बताया कैसे दबोचे गए मादुरो

ये देश रहे तटस्थ

ब्रिटेन...
देश के प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर ने साफ किया कि वेनेजुएला पर अमेरिका के हमलों में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं थी। उनका कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वे पूरे तथ्य जानना चाहते हैं। इसके लिए वे अमेरिकी राष्ट्रपति और सहयोगी देशों से बात करेंगे। स्टार्मर ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन सभी देशों को करना चाहिए।


इटली... यहां की प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा कि वह वेनेजुएला की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इटली वहां रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी जुटा रहा है। वेनेजुएला में करीब 1.6 लाख इटालियन रहते हैं, जिनमें से अधिकतर के पास दोहरी नागरिकता है।
 
इंडोनेशिया... इन देश ने कहा कि वह वेनेजुएला में हालात पर नजर रख रहा है ताकि उसके नागरिक सुरक्षित रहें। उसने सभी पक्षों से तनाव कम करने, बातचीत के जरिए समाधान निकालने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

इन देशों ने अमेरिका का समर्थन

इक्वाडोर...
यहां के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नार्को-चाविस्टा अपराधियों के खत्म होने का समय आ रहा है और पूरे महाद्वीप में उनका ढांचा ढह जाएगा। इस बयान का सीधा इशारा वेनेजुएला में सत्तारूढ़ चाविस्टा शासन और उस पर लगे ड्रग कार्टेल से जुड़े आरोपों की ओर है। इनके इस बयान से साफ जाहिरह है कि इक्वाडोर अमेरिका के समर्थन में है।

अर्जेंटीना... अमेरिकी कार्रवाई का अर्जेंटीन ने खुलकर समर्थन किया है। यहां के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर 'आजादी आगे बढ़ रही है' लिखकर संकेत दिया कि वे इसे तानाशाही के खिलाफ आजादी की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article