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China: बौखलाया ड्रैगन छोटे देशों से एक चीन नीति का करवा रहा समर्थन, ताइवान पर दावा मजबूत करने का है इरादा
Tue, 16 Jan 2024 05:43 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 16 Jan 2024 05:43 AM IST
सार
ताइवान के उप विदेश मंत्री तेइन चुंग-क्वांग ने भी नाउरू के साथ संबंध तोड़ने की बात कही है। सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि वह ताइवान के साथ संबंध तोड़ रही है और चीन के साथ राजनयिक संबंध फिर से शुरू करने का विचार कर रही है।
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चीन का झंडा
- फोटो : Social media
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विस्तार
ताइवान के राष्ट्रपति चुनाव में लोकतंत्र समर्थक दल की जीत के बाद चीन बौखला गया है। उसने ताइवान पर अपने दावे को मजबूत करने के लिए छोटे दलों पर दबाव बनाकर एक चीन सिद्धांत पर समर्थन हासिल करना शुरू कर दिया है।
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हाल के दिनों में नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कजाखस्तान, इंडोनेशिया, ईरान, वियतनाम व ताजीकिस्तान समेत कई देश एक चीन सिद्धांत के समर्थन का एलान कर चुके हैं। इस कड़ी में सोमवार को प्रशांत महासागर के द्वीपीय राष्ट्र नाउरू ने ताइवान से राजनयिक संबंध समाप्त कर चीन के साथ फिर से शुरू करने का एलान किया है।
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ताइवान के उप विदेश मंत्री तेइन चुंग-क्वांग ने भी नाउरू के साथ संबंध तोड़ने की बात कही है। सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि वह ताइवान के साथ संबंध तोड़ रही है और चीन के साथ राजनयिक संबंध फिर से शुरू करने का विचार कर रही है।
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घोषणा से नाउरू के राजदूत अचंभित
इस घोषणा ने ताइवान में नाउरू के राजदूत जार्डन केफास को अचंभित कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे कुछ भी नहीं कहना है। मेरी सरकार ने इसकी घोषणा की है। मुझसे कहा गया है कि सामान पैक करो, निकलो। उधर, चीन ने नाउरू के फैसले का स्वागत किया है।
केवल 12 देशों की मान्यता
वही, नाउरू के इस कदम के बाद ताइवान के पास ग्वाटेमाला, पराग्वे, इस्वातिनी, पलाऊ और मार्शल द्वीप समेत केवल 12 देशों की मान्यता रह जाएगी।
मुट्ठी भर देशों पर छींटाकशी जारी रखेगा चीन
चीन हमेशा दावा करता है कि ताइवान उसका है। इसी को लेकर विवाद जारी है। चुनाव से पहले ताइवान के सुरक्षा अधिकारियों ने कहा था कि चीन उन मुट्ठी भर देशों पर छींटाकशी जारी रख सकता है, जिनके ताइपे के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध हैं। बता दें, ताइवान की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के लाई चिंग-ते ने शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया और वह 20 मई को पदभार ग्रहण करेंगे। चुनाव से पहले चीन ने लाई को खतरनाक अलगाववादी कहा था।
पिछले साल होंडुरास ने छोड़ा था ताइवान का साथ
इससे पहले, पिछले साल मार्च में होंडुरास ने ताइवान के साथ संबंध समाप्त करने के बाद चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे। होंडुरास के साथ संबंधों को लेकर यह घोषणा ऐसे समय में की गई थी।होंडुरास ने कहा था, 'ताइवान चीनी क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा है और होंडुरास सरकार ने राजनयिक संबंधों को समाप्त करने के बारे में ताइवान को सूचित किया है। उसने ताइवान के साथ कोई आधिकारिक संबंध या संपर्क स्थापित नहीं करने का संकल्प लिया।' ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वु ने बताया था कि ताइवान ने 'अपनी संप्रभुता एवं गरिमा की रक्षा' के लिए होंडुरास के साथ अपने संबंधों को समाप्त कर लिया है। दोनों पक्षों के बीच संबंध 80 वर्ष से अधिक समय तक रहे।