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China: चीन में हुआरोंग वित्तीय फर्म के पूर्व टॉप अधिकारी को फांसी; 157 मिलियन डॉलर की रिश्वत का था मामला

Tue, 09 Dec 2025 08:21 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 09 Dec 2025 08:21 PM IST
सार

चीन की सरकारी फर्म हुआरोंग इंटरनेशनल के पूर्व जनरल मैनेजर बाई तियानहुई को 157 मिलियन डॉलर की रिश्वत लेने के मामले में फांसी दी गई। सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट की मंजूरी के बाद तियानजिन कोर्ट ने सजा लागू की।

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China Executes Former Huarong Executive in $157 Million Bribery Case Amid Intensified Anti-Corruption Drive
चीन का झंडा - फोटो : ANI

विस्तार

चीन में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में कड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने मंगलवार को राज्य संचालित वित्तीय फर्म चाइना हुआरोंग इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड के पूर्व शीर्ष अधिकारी बाई तियानहुई को फांसी दे दी। उन पर 1.108 बिलियन युआन (करीब 157 मिलियन डॉलर) की भारी रिश्वत लेने का आरोप साबित हुआ था।

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राज्य संचालित शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, तियानजिन नगरपालिका की अदालत ने सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट की मंजूरी के बाद फांसी की सजा लागू की। चीन में आमतौर पर भ्रष्टाचार मामलों में मृत्युदंड को कम कर दिया जाता है, इसलिए यह सज़ा बेहद दुर्लभ मानी जा रही है।
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2014-2018 के बीच अवैध लाभ उठाने के आरोप
एसपीसी की जांच में पाया गया कि बाई तियानहुई ने 2014 से 2018 के बीच अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए कई लोगों को प्रोजेक्ट अधिग्रहण और कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग जैसे मामलों में अवैध सहायता दी। इसके बदले उन्होंने भारी रिश्वत ली, जिससे राज्य और जनता के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा।
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सभी संपत्तियां जब्त, राजनीतिक अधिकार छीने गए
2024 में तियानजिन की इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने बाई तियानहुई को कड़ी सजा सुनाते हुए मृत्युदंड, जीवनभर के लिए राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना, पूरी निजी संपत्ति जब्त करना और अवैध कमाई राज्य को सौंपने का आदेश दिया था। बाई ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन फरवरी 2025 में उच्च पीपुल्स कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी। फांसी दिए जाने से पहले उन्हें अपने परिजनों से आखिरी मुलाकात की अनुमति भी दी गई।

शी चिनफिंग का 'नो मर्सी' अभियान
2012 में सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त मुहिम शुरू की। अब तक 10 लाख से ज्यादा अधिकारी सजा पा चुके हैं, जिसमें दो रक्षा मंत्री और कई सैन्य अधिकारी भी कार्रवाई की चपेट में आए। शी ने कहा था कि भ्रष्टाचार चीन की प्रणाली के लिए गंभीर खतरा है और इससे निपटने में कोई दया नहीं दिखाई जाएगी।

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