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पाकिस्तान को 600 करोड़ डॉलर का कर्ज देने से पहले चीन ने मांगी अतिरिक्त गारंटी

Wed, 23 Dec 2020 05:11 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 23 Dec 2020 05:11 PM IST
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China demanded additional guarantee before sanctioning loan of 600 crore dollars to Pakistan
चीन-पाकिस्तान

पाकिस्तान के गिने-चुने दोस्तों में शामिल चीन ने, जो अक्सर वित्तीय संकट को लेकर पाक की मदद करता रहता है, अचानक अपना रुख बदल लिया है। चीन ने 600 करोड़ डॉलर का कर्ज देने के लिए पाकिस्तान से अतिरिक्त गारंटी की मांग की है। पाकिस्तान यह कर्ज एक रेलवे प्रोजेक्ट के लिए ले रहा है। कहा जा रहा है कि चीन ने यह कदम पाकिस्तान की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उठाया है। 

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एक्स्प्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त गारंटी का मुद्दा 13 दिसंबर को आयोजित हुई रेल प्रोजेक्ट के लिए तीसरी संयुक्त एमएल-1 (मेन लाइन-1) वित्तीय समिति की बैठक में उठा था। बता दें कि चीन ने पाकिस्तान को इस रेल प्रोजेक्ट के लिए राशि देने में व्यावसायिक और रियायती कर्ज का मिश्रण का प्रस्ताव भी रखा है, जो कि पाकिस्तान की 'सस्ता कर्ज' पाने की इच्छा के विपरीत है। 
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बैठक में शामिल रहे पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चीन ने बैठक के दौरान अतिरिक्त गारंटी का मुद्दा उठाया था लेकिन उसने इसे पाकिस्तान के साथ साझा किए गए मसौदा ब्योरे का हिस्सा नहीं बनाया। इस मसौदा दस्तावेज पर अभी दोनों देशों ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इस प्रोजेक्ट में पेशावर से कराची के बीच 1872 किमी लंबे रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण और मरम्मत का काम शामिल है।
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पाकिस्तान की यह परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के दूसरे चरण के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान ने जी-20 देशों से कर्ज राहत के लिए आवेदन किया है, जिस कारण से स्पष्टता के लिए चीन ने अतिरिक्त गारंटी के मुद्दे उठाए। सूत्रों ने बताया कि वित्तीय मुद्दों पर बातचीत के तीसरे चरण में परियोजना के लिए छह अरब डॉलर के कर्ज को लेकर और स्थिति स्पष्ट की गई।

जी-20 देशों से कर्ज राहत के तहत, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के प्रारूप के मुताबिक पूर्व की मंजूरी के अलावा, ऊंची दरों पर वाणिज्यिक कर्ज नहीं ले सकता। इस साल, अगस्त में राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की कार्यकारी समिति (ईसीएनईसी) ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 6.8 अरब डॉलर की लागत से बनने वाली मेन लाइन-1 परियोजना को मंजूरी दी थी। ईसीएनईसी की बैठक महज 20 मिनट तक चली और वित्तीय व तकनीकी मुद्दे नहीं सुलझ पाए।




सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान छह अरब डॉलर की रकम एक प्रतिशत ब्याज दर पर हासिल करना चाहता है जबकि चीन ने वाणिज्यिक और रियायती, दोनों श्रेणियों के तहत कर्ज देने की पेशकश की है।

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