पाक को आर्थिक मदद का चीन न उठा पाए लाभ, अमेरिका ने आईएमएफ को दी चेतावनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से पाकिस्तान को दिए जाने वाले बेलआउट पैकेज पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने वॉशिंगटन स्थित आईएमएफ के मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी आर्थिक मदद का इस्तेमाल चीन के लिए न किया जाए।
अमेरिका ने आशंका जताई कि पाक इस मदद का इस्तेमाल चीन की योजना पर कर सकता है, इससे बचने के लिए ट्रंप प्रशासन ने आईएमएफ को सलाह दी है कि अगर बेल आउट पैकेज देना ही है तो इसकी शर्त होनी चाहिए कि इस राशि का इस्तेमाल चीन की मदद के लिए न किया जाए। पाकिस्तान का पिछले महीने देश की तंगहाली से निपटने के लिए आईएमएफ के साथ छह अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को लेकर समझौता हुआ था।
दक्षिण व एशियाई मामलों की अधिकारी एलिस जी वेल्स ने कहा कि हम ने आईएमएफ से कहा है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी आर्थिक मदद में यह शर्त लगाई जाए कि उस राशि का इस्तेमाल चीन के कर्ज भुगतान में नहीं किया जाए।
अमेरिका ने रोकी है पाक को 13 करोड़ डॉलर की मदद
वेल्स ने आईएमएफ की मदद को रोकने के सवाल पर कहा कि इस पर ट्रंप प्रशासन ने काई दखल नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन पहले ही पाकिस्तान को दी जाने वाली 13 करोड़ की मदद को रोक चुका है। आतंकी ओसामा बिन लादेन के मामले में सीआईए की मदद करने वाले डॉ शकील अफरीदी की गिरफ्तारी से नाराज होकर अमेरिका ने यह कदम उठाया था।
अमेरिकी सुरक्षा के लिए पाक पर नकेल जरूरी
वेल्स ने कहा कि अमेरिका ने बीते एक दशक में पाक को दी जाने वाली मदद को दो अरब डॉलर से घटा कर सात करोड़ डॉलर कर दिया है। यह लगभग 95 फीसदी कटौती है। वेल्स के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा के नजरिए से पाक पर नकेल कसना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा करते हैं कि अफगानिस्तान के करीब होने के कारण पाकिस्तान महत्वपूर्ण हो जाता है लेकिन यह बिलकुल उलट है।
चीन ने पाक में लगाए हैं 60 अरब डॉलर
चीन ने पाकिस्तान में भारी निवेश किया हुआ है। चीन पाक आर्थिक गलियारा ही 60 अरब डॉलर की योजना है। यही अमेरिका की चिंता का मुख्य कारण है। विदेश मंत्री पाइक पोम्पियो ने पहले ही आईएमएफ को इस बात पर सचेत रहने को कहा है कि पाकिस्तान को दी गई किसी भी अमेरिकी मदद का इस्तेमाल चीन के लिए नहीं होना चाहिए।