फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China announces standardised official Chinese names for 15 more places in Arunachal Pradesh news in Hindi

चीन की हरकत: अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के चीनी भाषा में नाम रखे, इसमें आवासीय जगहें, पहाड़ियां और नदियां भी शामिल

Thu, 30 Dec 2021 07:14 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 30 Dec 2021 07:14 PM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करने वाले चीन ने अब एक और चाल चली है। इसने यहां के 15 स्थानों के नामों का आधिकारिकम मानकीकरण किया है। यानी 15 जगहों का नाम उसने अपने हिसाब से बदला है। इससे पहले साल 2017 में भी इसने छह स्थानों के नाम बदलने का एलान किया था।

विज्ञापन
China announces standardised official Chinese names for 15 more places in Arunachal Pradesh news in Hindi
भारत चीन गतिरोध - फोटो : iStock

विस्तार

चीन ने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अनुणाचल प्रदेश में 15 स्थानों के लिए चीनी अक्षरों और तिब्बती व रोमन वर्णमाला के आधार पर रखने का एलान किया है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत बताता है और इस पर अपना दावा जताता है। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि उसने जंगनान (चीनी में अरुणाचल प्रदेश का नाम) में 15 स्थानों के नामों का चीनी अक्षरों, तिब्बती और रोमन वर्णमाला में मानकीकरण किया है। लद्दाख में विवाद के बीच चीन के इस कदम से तनाव में बढ़ोत्तरी होने की आशंका बढ़ गई है।

विज्ञापन


यहां के सरकारी ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यह फैसला भौगोलिक नामों पर चीन की कैबिनेट की ओर से जारी नियमों के अनुसार लिया गया है। 15 स्थानों के आधिकारिक नामों में, जिन्हें सटीक देशांतर और अक्षांश दिया गया था, आठ आवासीय स्थान हैं, चार पहाड़ हैं, दो नदियां हैं और एक पहाड़ी दर्रा है। चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नामों के मानकीकरण की यह दूसरी सूची है। इससे पहले उसने साल 2017 में भी ऐसी ही सूची जारी की थी, जिसमें प्रदेश के छह स्थानों के नामों मानकीकरण किया गया था।
विज्ञापन


चीन के दावे को भारत ने हमेशा से किया है खारिज
चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताता है और इसे दक्षिण तिब्बत बताता है। चीन के इस दावे को भारत सरकार ने हमेशा से खारिज किया है और अरुणाचल प्रदेश को भारत का एक अभिन्न हिस्सा बताया है। चीन यहां अपने दावे को लेकर भारतीय नेताओं और अधिकारियों के दौरे पर अक्सर आपत्ति व्यक्त करता रहता है। भारत और चीन के बाद पहले से ही सीमा विवाद चल रहा है और इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कुछ मौकों पर हिंसक भिड़ंत भी हो चुकी है। हालांकि, अब दोनों देश वार्ताओं के माध्यम से विवाद का समाधान ढूंढ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


'भविष्य में यहां और स्थानों के नाम भी बदले जाएंगे'
रिपोर्ट में चाइना तिब्बतोलॉजी रिसर्च सेंटर में विशेषज्ञ लियान शियांगमिन के हवाले से कहा गया है कि चीन की सरकार का यह कदम स्थानीय नामों के राष्ट्रीय सर्वे का हिस्सा है जो सैकड़ों साल से मौजूद हैं। लियान ने कहा कि ऐसे स्थानों को मानकीकृत नाम देना एक वैध कदम है और चीन की संप्रुभता के तहत आता है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में और भी कई स्थानों के मानकीकृत नामों का एलान किया जाएगा। माना जा रहा है कि चीन इसके जरिए अरुणाचल पर अपने दावे को और मजबूती देना चाहता है और भारत पर दबाव बनाना चाहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed