{"_id":"6366ec2d6693d238bb6cf70e","slug":"china-and-russia-clash-with-us-over-north-korea-missile-test","type":"story","status":"publish","title_hn":"North Korea: उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर अमेरिका से भिड़े चीन और रूस, भारत ने कूटनीतिक समाधान की दी सलाह","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
North Korea: उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर अमेरिका से भिड़े चीन और रूस, भारत ने कूटनीतिक समाधान की दी सलाह
Sun, 06 Nov 2022 04:35 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्योंगयांग
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 06 Nov 2022 04:35 AM IST
सार
रूस की उप राजदूत अन्ना एवेस्टिग्नीवा ने कोरिया प्रायद्वीप में बिगड़ती स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया। अमेरिका दबाव और ताकत का इस्तेमाल कर कोरियाई प्रायद्वीप को एकतरफा निरस्त्रीकरण के लिए मजबूर करना चाहता है, जिससे वहां स्थिति बिगड़ रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर कोरिया ने शनिवार सुबह फिर से परीक्षण के नाम पर चार बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिण कोरिया की तरफ समुद्र में दागीं। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइलें उत्तर-पश्चिमी सागर की तरफ करीब 130 किलोमीटर की दूर जाकर गिरीं।
कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़े तनाव के मसले पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई। बैठक में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने रूस और चीन पर उत्तर कोरिया को मिसाइलें मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने इस साल 59 प्रतिबंधित बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है, जो उसकी सैन्य क्षमता से बहुत ज्यादा है। इस पर चीन के राजदूत झांग जून ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया के व्यापक सैन्य अभ्यास के चलते ही उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण कर रहा है। रूस की उप राजदूत अन्ना एवेस्टिग्नीवा ने कोरिया प्रायद्वीप में बिगड़ती स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका दबाव और ताकत का इस्तेमाल कर कोरियाई प्रायद्वीप को एकतरफा निरस्त्रीकरण के लिए मजबूर करना चाहता है, जिससे वहां स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर को अमेरिका-दक्षिण कोरिया का युद्धाभ्यास एक तरह से उत्तर कोरिया पर हमले का पूर्वाभ्यास लग रहा था।
विज्ञापन
भारत ने परमाणु निरस्त्रीकरण का किया समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रुचिरा कंबोज ने कहा, कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा की दिशा में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए भारत अपना समर्थन दोहराता है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में विवाद का हल बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से ही संभव है। इसके साथ ही कंबोज ने कहा कि उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं। इसके अलावा इनसे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। लिहाजा, सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों को प्रभावी रूप से लागू करने में सभी सदस्यों को मदद करनी चाहिए।
इस सप्ताह 30 मिसाइलें दागने से चरम पर तनाव
उत्तर कोरिया इस सप्ताह करीब 30 मिसाइलें दाग चुका है। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से प्रतिबंधित आईसीबीएम (अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल) भी शामिल हैं। इससे कोिरयाई प्रायद्वीप में तनाव चरम पर है। बृहस्पतिवार को दागी गईं आईसीबीएम की वजह से उत्तरी जापान में अफरा-तफरी मच गई थी। सरकार को आपातकालीन संदेश के जरिये लोगों को सुरक्षित स्थानों शरण लेने के लिए कहना पड़ा था।
-उत्तर कोरिया का कहना है उसने यह कार्रवाई अमेरिका-दक्षिण कोरिया के उसकी सीमा के पास डराने वाले अभ्यास के खिलाफ की है।
-दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेना ने बताया कि संयुक्त अभ्यास शनिवार को खत्म कर दिया गया। हालांकि, इसके खत्म होने से पहले तब तनाव काफी बढ़ गया, जब अमेरिका ने दो बी-1बी सुपरसॉनिक बमवर्षक विमानों को उत्तर कोरिया की सीमा के काफी नजदीक उड़ाया।
विज्ञापन
कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़े तनाव के मसले पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई। बैठक में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने रूस और चीन पर उत्तर कोरिया को मिसाइलें मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने इस साल 59 प्रतिबंधित बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है, जो उसकी सैन्य क्षमता से बहुत ज्यादा है। इस पर चीन के राजदूत झांग जून ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया के व्यापक सैन्य अभ्यास के चलते ही उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण कर रहा है। रूस की उप राजदूत अन्ना एवेस्टिग्नीवा ने कोरिया प्रायद्वीप में बिगड़ती स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अमेरिका दबाव और ताकत का इस्तेमाल कर कोरियाई प्रायद्वीप को एकतरफा निरस्त्रीकरण के लिए मजबूर करना चाहता है, जिससे वहां स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर को अमेरिका-दक्षिण कोरिया का युद्धाभ्यास एक तरह से उत्तर कोरिया पर हमले का पूर्वाभ्यास लग रहा था।
विज्ञापन
भारत ने परमाणु निरस्त्रीकरण का किया समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रुचिरा कंबोज ने कहा, कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और सुरक्षा की दिशा में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए भारत अपना समर्थन दोहराता है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में विवाद का हल बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से ही संभव है। इसके साथ ही कंबोज ने कहा कि उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं। इसके अलावा इनसे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। लिहाजा, सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों को प्रभावी रूप से लागू करने में सभी सदस्यों को मदद करनी चाहिए।
इस सप्ताह 30 मिसाइलें दागने से चरम पर तनाव
उत्तर कोरिया इस सप्ताह करीब 30 मिसाइलें दाग चुका है। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से प्रतिबंधित आईसीबीएम (अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल) भी शामिल हैं। इससे कोिरयाई प्रायद्वीप में तनाव चरम पर है। बृहस्पतिवार को दागी गईं आईसीबीएम की वजह से उत्तरी जापान में अफरा-तफरी मच गई थी। सरकार को आपातकालीन संदेश के जरिये लोगों को सुरक्षित स्थानों शरण लेने के लिए कहना पड़ा था।
-उत्तर कोरिया का कहना है उसने यह कार्रवाई अमेरिका-दक्षिण कोरिया के उसकी सीमा के पास डराने वाले अभ्यास के खिलाफ की है।
-दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेना ने बताया कि संयुक्त अभ्यास शनिवार को खत्म कर दिया गया। हालांकि, इसके खत्म होने से पहले तब तनाव काफी बढ़ गया, जब अमेरिका ने दो बी-1बी सुपरसॉनिक बमवर्षक विमानों को उत्तर कोरिया की सीमा के काफी नजदीक उड़ाया।