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'चीन अपनी बाते मनवाने के लिए प्रोपेगेंडा के अलावा व्यापार का भी करता है इस्तेमाल'
Sat, 27 Jun 2020 05:30 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sat, 27 Jun 2020 05:30 PM IST
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चीन का झंडा
- फोटो : Social media
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अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) रॉबर्ट ओ ब्रायन ने आरोप लगाया है कि चीन अपनी बातें मनवाने के लिए प्रोपेगेंडा और प्रभाव संबंधी अभियानों के अलावा व्यापार का भी इस्तेमाल करता है। ट्रंप प्रशासन के इस शीर्ष अधिकारी ने एरिजोना के फीनिक्स में लोगों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी सीमा के पार बाहर रह रहे लोगों के दिमाग को काबू में लाने की चीन की कोशिश चल रही है।
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व्हाइट हाऊस द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए इस संबोधन के मजमून के अनुसार ओ ब्रायन ने कहा, 'प्रोपेगंडा और प्रभाव संबंधी अभियानों के अलावा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अपनी बातें मनवाने के लिए व्यापार का भी इस्तेमाल करती है।'
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उन्होंने आरोप लगाया कि जब ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना वायरस के मूल स्थान और प्रसार की स्वतंत्र जांच की मांग की तो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने ऑस्ट्रेलियाई कृषि उपजों की खरीद बंद करने और चीनी विद्यार्थियों और पर्यटकों को पर्यटन पर ऑस्ट्रेलिया जाने से रोकने की धमकी दी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि जब ऑस्ट्रेलिया नहीं झुका तब चीन इन धमकियों को अमल में लाने लगा और उसने ऑस्ट्रेलियाई जौ पर 80 फीसद उपकर लगा दिया। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठन भी चीन की योजना का हिस्सा हैं और चीन ने अनेक वैश्विक निकायों में कमान अपने हाथों में लेने की मुहिम चलाई।
उन्होंने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र की 15 विशिष्ट एजेंसियों में से अभी चार का प्रमुख है जो सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्यों - अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस से अधिक हैं। ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि चीन इन प्रमुखों के माध्यम से इन अंतरराष्ट्रीय निकायों को अपने सुर में सुर मिलाने तथा वहां चीनी दूरसंचार उपकरणों को लगाने के लिए बाध्य करता है। उनके अनुसार, उदाहरण के लिए इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के झाओ होलिन ने जब से अपना पदभार ग्रहण किया है तब से वह हुवई की बिक्री बढ़ाने में आक्रामक तरीके से लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के महासचिव फांग लिऊ ने आमसभा की बैठक में ताईवान को हिस्सेदारी बाधित कर दी। इस संगठन की चीनी द्वारा हैकिंग किये जाने की लीपा-पोती कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अपनी सदस्यता का इस्तेमाल झिनजियांग और हांगकांग में शक्ति के दुरूपयोग की आलोचना बंद करने के लिए किया।
ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि इन अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों से आगे जा कर भी चीन की पहुंच है और वह वहां भी अपनी बातें मनवा लेता है जहां चीनी प्रमुख नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'बीजिंग के प्रभाव में आकर और मानव जीवन को दांव पर लगाने की अस्वीकार्य हद पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम गब्रेयेसस बड़े आस्थापूर्ण ढंग से वुहान वायरस पर चीन की हां में हां मिलाते रहे। मध्य जनवरी में उन्होंने दावा किया कि यह बीमारी इंसान से इंसान में नहीं फैलता है और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पाबंदियों का विरोध किया।'
उन्होंने कहा कि टेड्रोस ने वुहान के बाशिंदों पर घरेलू उड़ान पाबंदियों की प्रशंसा की यानी वे विदेश यात्रा कर सकते थे लेकिन बीजिंग और शंघाई नहीं जा सकते थे और वहां संभवत: कोरोना वायरस नहीं ले जा सकते थे।