फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   'China admits it was involved in cyber attacks on US infrastructure', claims report

Cyber Attack: अमेरिका के साइबर हमलों और टेलीकॉम प्रणालियों में सेंध के पीछे चीन; रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा

Mon, 14 Apr 2025 01:39 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 14 Apr 2025 01:39 AM IST
सार

Cyber Attack: दिसंबर 2023 में जिनेवा में हुई गुप्त बैठक में चीनी अधिकारियों ने अमेरिका के महत्वपूर्ण ढांचों पर साइबर हमलों में अपनी भूमिका को स्वीकार किया। ये हमले ताइवान को अमेरिकी समर्थन के जवाब में किए गए थे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

विज्ञापन
'China admits it was involved in cyber attacks on US infrastructure', claims report
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

चीनी अधिकारियों ने बीते साल दिसंबर में एक गुप्त बैठक के दौरान चुपचाप स्वीकार किया कि अमेरिका के बुनियादी ढांचों पर साइबर हमलों के पीछे उनका हाथ था। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, जिनेवा में हुई यह बैठक अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव को और गहरा करती है। यह बैठक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन के कुछ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में में हुई थी। इस दौरान चीनी प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि अमेरिकी बंदरगाहों, जल प्रणालियों, हवाई अड्डों और अन्य जरूरी ढांचे पर ये साइबर हमले अमेरिका के ताइवान को समर्थन देने के जवाब में किए गए थे।

विज्ञापन


इस तरह साइबर हमलों की बात स्वीकारना चीन की आम रणनीति से अलग था, क्योंकि वह पहले ऐसे हमलों से इनकार करता आ रहा था या उन्हें अपराधियों की करतूत बताकर टाल देता था। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, चीन के इस साइबर अभियान ने बीते साल ही अमेरिकी अधिकारियों की नीदें उड़ा दी थी। इस साइबर अभियान को अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञों ने वोल्ट टाइफून नाम दिया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: IDF ने तेज किए हमले, 90 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का दावा; अस्पताल को भी निशाना बनाया
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह चीनी सेना से जुड़ा था और इसका मकसद अमेरिकी सिस्टम में चुपचाप घुसपैठ कर भविष्य में तेज और विनाशकारी हमलों के लिए खुद को तैयार रखना था। भले ही बैठक में चीन के तरफ से साइबर हमलों को लेकर दिए बयान अस्पष्ट थे, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधियों ने इसे जिम्मेदारी का संकेत और ताइवान से जुड़ी चेतावनी के तौर पर देखा। दिसंबर की इस बैठक के बाद अमेरिका-चीन संबंध और बिगड़ गए हैं।


चीन सॉल्ट टाइफून से यूएस टेलीकॉम प्रणालियों में लगा रहा सेंध
इस दौरान चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर ने हालात और बदतर कर दिए हैं। जवाब में, ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने चीन के खिलाफ अधिक आक्रामक साइबर कार्रवाइयों का एलान किया है। उधर, अमेरिकी सांसदों और अधिकारियों ने बताया कि चीन सॉल्ट टाइफून नामक एक अलग साइबर अभियान के जरिए अब भी अमेरिका की टेलीकॉम प्रणालियों में सेंध लगा रहा है।

ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान में चार लोगों की गोली मारकर हत्या, तालिबानी नेता बोले- 'फांसी देना इस्लाम का हिस्सा'

साइबर सुरक्षा के हालिया बदलाव ट्रंप प्रशासन के लिए खतरा
वहीं, अमेरिका में साइबर सुरक्षा को लेकर हालिया बदलावों ने चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सरकार ने सैकड़ों साइबर सुरक्षा पदों को खत्म करना शुरू कर दिया है। साथ ही, यूएस के राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के निदेशक जनरल टिमोथी हॉग और उनके डिप्टी वेंडी नोबल की हालिया बर्खास्तगी ने खुफिया विशेषज्ञों और सांसदों को फिक्र में डाल दिया है कि इससे अमेरिका की साइबर सुरक्षा कमजोर हो रही है। अब अधिकारी मानते हैं कि चीन के नागरिक ढांचे को बार-बार निशाना बनाना ट्रंप प्रशासन के सामने सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed