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संकट: कोरोना काल में 13 से कम उम्र के बच्चे भी बने मनोरोगी

Fri, 02 Jul 2021 07:00 AM IST
Jeet Kumar न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कैलिफोर्निया
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कैलिफोर्निया Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 02 Jul 2021 07:00 AM IST
सार

  • महामारी के कारण परिवार में त्रासदी, दोस्तों से दूरी, स्कूल लौटने की घबराहट से बढ़ी परेशानी
  • बालरोगियों की संख्या अचानक बढ़ी

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Children under the age of 13 also became psychopaths during the Corona period
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

पिछले कुछ वर्षों से खराब मानसिक स्वास्थ्य से गुजर रहे बच्चों की संख्या कोरोना काल में बढ़ गई है। अमेरिका के कई अस्पतालों से मिला डाटा बताता है कि 13 साल से कम उम्र के संकटग्रस्त बच्चों के मामलों में काफी उछाल आया है। वहीं, पहले के मुकाबले ज्यादा किशोर आपातकालीन सेवाएं ले रहे हैं। 

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विशेषज्ञों के मुताबिक, महामारी से पहले भी स्कूली बच्चों में दुर्व्यवहार, भोजन विकार, नस्लवाद या खराब मानसिक स्वास्थ्य के कारण संकट पनप रहा था। लेकिन, कोरोनाकाल में परिवार में आई त्रासदी , दोस्तों से दूर घर पर पढ़ाई या फिर स्कूल लौटने की घबराहट के कारण वे ज्यादा तनावग्रस्त हो गए हैं।
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दोगुनी संख्या में आ रहे बच्चे 
कैलिफोर्निया में ऑरेंज काउंटी में बच्चों के अस्पताल में मुख्य मनोचिकित्सक हीथर सी हुस्ती का कहना है कि बच्चों के लिए इतना खराब दौर कभी नहीं देखा। जब 2018 में यह अस्पताल खुला था, तब 12 साल से कम उम्र के महज 10 फीसदी बच्चे ही आते थे, पर 2020 से यह संख्या दोगुनी हो गई है।
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5-11 साल के मनोरोगी 24% बढ़े

  • सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में प्रकाशित शोध के मुताबिक, अप्रैल से अक्तूबर 2020 के बीच मानसिक स्वास्थ्य के आपात विभाग में आने वाले पांच से 11 साल के बच्चों की तादाद में 2019 के मुकाबले 24 फीसदी वृद्धि देखने को मिली।
  • लड़कियों के हालात ज्यादा बिगड़े हैं । 2019-20 में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी आपात सेवाओं के लिए आने वाली 18 साल से छोटी लड़कियों की तादाद लड़कों की तुलना में ज्यादा थी।
  • 13 साल से छोटे अश्वेत बच्चों में आत्महत्या की दर बीते एक दशक में बढ़कर श्वेत बच्चों के मुकाबले दोगुनी हो गई है।

आधे बच्चों को नहीं मिला उपचार 
विशेषज्ञों के मुताबिक, कई मनोरोग यूनिटें 12 साल से कम के बच्चों को भर्ती ही नहीं कर रहीं , क्योंकि बड़े बच्चों से ज्यादा निगरानी व देखभाल की जरूरत पड़ती है। 
- जामा पीडियाट्रिक्स पत्रिका में प्रकाशित एक शोध में पता लगा था कि 2016 में मानसिक विकारों से पीड़ित 77 लाख अमेरिकी बच्चों में से आधे पेशेवर डॉक्टरों से इलाज ही नहीं ले पाए।



एक लाख बच्चों पर 13 मनोचिकित्सक 
द अमेरिकन एकेडमी ऑफ चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइकिएट्री ने देश में बाल मनोचिकित्सकों की भारी कमी बताई है। मसलन, कैलिफोर्निया में 18 साल छोटे एक लाख बच्चों के लिए ऐसे सिर्फ 13 मनोचिकित्सक ही हैं।

स्वास्थ्य बीमा भी इलाज में अड़चन 
बीमा कंपनियां अन्य इलाजों की तुलना में मानसिक इलाज का उतना पैसा नहीं देतीं। कम मुनाफे के कारण बच्चों के मानसिक रोगों पर जोर नहीं है। हालांकि, स्वास्थ्य संस्थान अब बच्चों के मानसिक रोगों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

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