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चीन: बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए मुर्गे के खून का इंजेक्शन, जानिए क्या है पूरा मामला
Sun, 03 Oct 2021 01:18 PM IST
प्रशांत कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sun, 03 Oct 2021 01:18 PM IST
सार
अजब-गजब खान-पान के मामले में चीन दुनिया में सबसे अलग देश है। चीनी लोग कीड़े मकोड़े से लेकर, सांप को सूप तक पीते हैं। इसी सिलसिले में जब सोशल मीडिया पर ये दावा किया जा रहा है कि चीनी लोग अपने बच्चों के शरीर में मुर्गे के खून का इंजेक्शन डलवा रहे हैं। चीनी नागरिकों का दावा है कि इससे उनके बच्चे गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बच जाएंगे।
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इंजेक्शन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
विस्तार
चीन में बच्चों को बीमारियों से बचाने और दूर रखने के लिए नया प्रयोग किया जा रहा है। चीनी लोग अपने बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए मुर्गे के खून का इंजेक्शन लगवा रहे हैं। लोगों का मानना है कि ऐसा करने से भविष्य में उनका गंभीर बीमारियों से बचाव होता रहेगा। चीन की चिकन पैरेंटिंग प्लानिंग के तहत माना जा रहा है कि मुर्गे के खून के इंजेक्शन की मदद से उनकी सभी स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें दूर होंगी। इसमें बांझपन, कैंसर और गंजापन की तकलीफ भी खत्म हो सकती है।
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इसके अलावा गंजेपन होने से भी उन्हें मुक्ति मिल सकती है। आपको बता दें कि सबले पहले ये दावा एक विदेशी मीडिया की एक रिपोर्ट के हवाले से किया गया , जिसमें साफ-साफ लिखा था कि चीनी बच्चों को मुर्गे के खून का इंजेक्शन दिया जाता है।
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चिकन ब्लड इंजेक्शन से बच्चे रहते हैं एक्टिव
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चिकन के खून में स्टेरॉयड का मात्रा ज्यादा होता है जो बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में बेहतर परफॉर्म करने में मदद कर सकता है। वहीं , दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों को चिकन ब्लड का इंजेक्शन लगवाने से उनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्या दूर होती हैं और और वह काफी एक्टिव रहते हैं। इसीलिए यहां के पैरेंट्स बच्चों को चिकन ब्लड का इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
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