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US: अमेरिका में वीजा नियमों में बदलाव, सोशल मीडिया पर अमेरिकियों पर पाबंदी लगाई तो विदेशियों पर लगेगा प्रतिबंध
Thu, 29 May 2025 08:51 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 29 May 2025 08:51 AM IST
सार
नई अमेरिकी वीजा प्रतिबंध नीति के मुताबिक अब यदि किसी अमेरिकी ने अमेरिका से टिप्पणी पोस्ट की है, तो उस देश या उसके अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की मांग नहीं की जा सकती है, जिनके लिए वह पोस्ट अस्वीकार्य या आपत्तिजनक है। ऐसे मामलों में अमेरिकी सोशल मीडिया या टेक फर्म को नोटिस भेजकर सामग्री को हटाने या मॉडरेशन की उम्मीद नहीं की जा सकेगी।
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मार्को रूबियो
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिका में वीजा नियमों में बदलाव किया गया है। अमेरिका ने सोशल मीडिया पर अमेरिकियों पर पाबंदी लगाने वाले विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। यह प्रतिबंध उन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पाबंदी लगाने पर लागू होगा जिनका स्वामित्व अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के पास है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि विदेशी अधिकारी अब अमेरिकियों को उनके देश में गिरफ्तारी और पाबंदी लगाने की धमकी नहीं दे सकेंगे। यह अमेरिका में अस्वीकार्य होगा। साथ ही ऐसे विदेशी अफसरों पर भी वीजा प्रतिबंध लगाए जाएंगे जो अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से किसी सामग्री को हटाने की मांग करेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि विदेशी अधिकारियों का अमेरिका में शारीरिक रूप से रहते हुए अमेरिकी प्लेटफॉर्म पर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए अमेरिकी नागरिकों या अमेरिकी निवासियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करना या धमकी देना अस्वीकार्य है। विदेशी अधिकारियों की यह मांग भी अस्वीकार्य है कि अमेरिकी तकनीकी प्लेटफॉर्म वैश्विक सामग्री मॉडरेशन नीतियों को अपनाएं या सेंसरशिप में शामिल हों जो उनके अधिकार क्षेत्र से परे और संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंचती है।
ये भी पढ़ें: विक्रम मिस्री की अमेरिकी उप विदेश मंत्री से मुलाकात, क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को लेकर हुई बात
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रुबियो ने कहा कि कुछ विदेशी नागरिकों ने अपनी आधिकारिक क्षमता में अमेरिकी तकनीकी कंपनियों और अमेरिकी नागरिकों और निवासियों के खिलाफ पाबंदी लगाने कार्रवाई की है, जबकि उनके पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। नई अमेरिकी वीजा प्रतिबंध नीति संयुक्त राज्य अमेरिका में संरक्षित अभिव्यक्ति की सेंसरशिप के लिए जिम्मेदार विदेशी नागरिकों पर लागू होगी।
नीति के मुताबिक यदि किसी अमेरिकी ने अमेरिका से टिप्पणी पोस्ट की है, तो उस देश या उसके अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की मांग नहीं की जा सकती है, जिनके लिए वह पोस्ट अस्वीकार्य या आपत्तिजनक है। ऐसे मामलों में अमेरिकी सोशल मीडिया या टेक फर्म को नोटिस भेजकर सामग्री को हटाने या मॉडरेशन की उम्मीद नहीं की जा सकेगी। हाल ही में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और एशियाई देशों ने अमेरिकी सोशल मीडिया फर्मों के खिलाफ अपने-अपने देशों में कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें हटाने के नोटिस जारी किए हैं और जुर्माना लगाया है। इसके बाद यह बदलाव किया गया है।
ये भी पढ़ें: कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ पर लगाई रोक, मानवीय पैरोल मसले पर भी दिया झटका; कॉपीराइट निदेशक मामले में मिली जीत
सोशल मीडिया कंपनियों पर अमेरिका का राज
दुनिया भर में इस्तेमाल की जाने वाली ज्यादातर सोशल मीडिया फ़र्म अमेरिकी टेक दिग्गजों के स्वामित्व में हैं। एक्स का स्वामित्व एलन मस्क के पास है। फेसबुक और इंस्टाग्राम के मालिक मेटा (मार्क जुकरबर्ग) हैं। यूट्यूब का स्वामित्व गूगल के पास है। ट्रुथ सोशल का स्वामित्व ट्रंप मीडिया (डोनाल्ड ट्रंप) के पास है और ब्लूस्काई का स्वामित्व जैक डोर्सी (ट्विटर के पूर्व मालिक) के पास है।
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि विदेशी अधिकारियों का अमेरिका में शारीरिक रूप से रहते हुए अमेरिकी प्लेटफॉर्म पर सोशल मीडिया पोस्ट के लिए अमेरिकी नागरिकों या अमेरिकी निवासियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करना या धमकी देना अस्वीकार्य है। विदेशी अधिकारियों की यह मांग भी अस्वीकार्य है कि अमेरिकी तकनीकी प्लेटफॉर्म वैश्विक सामग्री मॉडरेशन नीतियों को अपनाएं या सेंसरशिप में शामिल हों जो उनके अधिकार क्षेत्र से परे और संयुक्त राज्य अमेरिका तक पहुंचती है।
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रुबियो ने कहा कि कुछ विदेशी नागरिकों ने अपनी आधिकारिक क्षमता में अमेरिकी तकनीकी कंपनियों और अमेरिकी नागरिकों और निवासियों के खिलाफ पाबंदी लगाने कार्रवाई की है, जबकि उनके पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है। नई अमेरिकी वीजा प्रतिबंध नीति संयुक्त राज्य अमेरिका में संरक्षित अभिव्यक्ति की सेंसरशिप के लिए जिम्मेदार विदेशी नागरिकों पर लागू होगी।
नीति के मुताबिक यदि किसी अमेरिकी ने अमेरिका से टिप्पणी पोस्ट की है, तो उस देश या उसके अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की मांग नहीं की जा सकती है, जिनके लिए वह पोस्ट अस्वीकार्य या आपत्तिजनक है। ऐसे मामलों में अमेरिकी सोशल मीडिया या टेक फर्म को नोटिस भेजकर सामग्री को हटाने या मॉडरेशन की उम्मीद नहीं की जा सकेगी। हाल ही में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और एशियाई देशों ने अमेरिकी सोशल मीडिया फर्मों के खिलाफ अपने-अपने देशों में कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें हटाने के नोटिस जारी किए हैं और जुर्माना लगाया है। इसके बाद यह बदलाव किया गया है।
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सोशल मीडिया कंपनियों पर अमेरिका का राज
दुनिया भर में इस्तेमाल की जाने वाली ज्यादातर सोशल मीडिया फ़र्म अमेरिकी टेक दिग्गजों के स्वामित्व में हैं। एक्स का स्वामित्व एलन मस्क के पास है। फेसबुक और इंस्टाग्राम के मालिक मेटा (मार्क जुकरबर्ग) हैं। यूट्यूब का स्वामित्व गूगल के पास है। ट्रुथ सोशल का स्वामित्व ट्रंप मीडिया (डोनाल्ड ट्रंप) के पास है और ब्लूस्काई का स्वामित्व जैक डोर्सी (ट्विटर के पूर्व मालिक) के पास है।
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