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बेटियों के लिए मौका, एक दिन के लिए बनें ब्रिटिश उच्चायुक्त
Sat, 29 Aug 2020 04:31 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 29 Aug 2020 04:31 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
भारत में अगर किसी बेटी को ब्रिटिश उच्चायुक्त बनना हो तो वह एक दिन के लिए बन सकती है। शर्त यही है कि वह भारतीय हो, उम्र 18-23 साल के बीच हो। दरअसल, ब्रिटिश उच्चायोग ने 18-23 साल की उम्र की भारतीय युवतियों से आवेदन मांगे हैं, जिसका मकसद सशक्तीकरण करना और दुनियाभर में महिलाओं को मिल रही चुनौतियों को सामने लाना है। आवेदन की अंतिम तारीख 13 सितंबर, 2020 है।
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ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विजेता को ब्रिटेन-भारत के संबंधों से रूबरू कराया जाएगा। साथ ही दोनों देशों की ओर से कोरोना महामारी से निपटने के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों और भागीदारों से मिलवाया जाएगा और चर्चा की जाएगी। इसके अलावा ब्रिटिश उच्चायोग लैंगिक चार्टर लॉन्च किया जाएगा, जो ब्रिटिश उच्चायोग के लैंगिक समानता के लिए प्रतिबद्धता दर्शाता है।
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एक मिनट का वीडियो अपलोड करना होगा
आवेदन करने वाली प्रतिभागी को कोरोना के दौर में लैंगिक समानता के लिए वैश्विक चुनौतियों और अवसर विषय पर एक मिनट का अपना वीडियो रिकॉर्ड करना होगा और अपलोड करना होगा।
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इस वीडियो को ट्विटर, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर यूकेइनइंडिया टैग से शेयर करना अनिवार्य होगा। इसके लिए हैशटैगडेऑफदगर्ल का इस्तेमाल करना होगा। विजेता के नाम की जानकारी वर्चुअल प्रोग्राम के जरिये दी जाएगी।
ब्रिटिश उच्चयोग की एक ज्यूरी विजेता का चयन करेगी, जिसका एलान @ यूकेइनइंडिया सोशल मीडिया चैनल के जरिये 23 सितंबर को की जाएगी। उच्चायोग 2017 से हर साल ऐसा आयोजन कर रहा है। बीते साल यूपी के गोरखपुर की पत्रकारिता की 22 वर्षीय छात्रा आयशा खान ने यह प्रतियोगिता जीती थी।