Ratan Tata: 'भारत-इस्राइल की दोस्ती के चैंपियन'; रतन टाटा के निधन पर नेतन्याहू ने कुछ ऐसे जताया दुख
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत रतन चाचा के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टाटा संस के आजीवन चेयरमैन एमिरेट्स रतन टाटा के निधन से हर कोई दुखी है। भारत के रतन कहे जाने वाले दिग्गज उद्योगपति अपनी सादगी से हर किसी का दिल जीत लेते थे। उनके निधन पर न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर के लोगों ने श्रद्धाजंलि अर्पित की। इसी क्रम में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को टैग करते हुए पोस्ट में पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत रतन टाटा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। बेंजामिन ने पत्र में कहा कि उनके देश में कई लोग अभी रतन टाटा के निधन पर दुख मना रहे हैं।
इस्राइली प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को टैग करते हुए लिखे गए पोस्ट में भारत-इस्राइल संबंधों को मजबूत करने में भी टाटा के योगदान की सराहना की। नेतन्याहू ने लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मेरे मित्र,मैं और इस्राइल के कई लोग रतन नवल टाटा के निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं, जो भारत के एक गौरवशाली सपूत थे और हमारे दोनों देशों के बीच मित्रता के समर्थक थे। कृपया मेरी संवेदनाएं रतन जी के परिवार तक पहुंचाएं। सहानुभूति के साथ,बेंजामिन नेतन्याहू।
इससे पहले बृहस्पतिवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें अपने देश का सच्चा दोस्त बताया था। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी शुक्रवार को रतन टाटा की मौत पर शोक जताते हुए भारत और फ्रांस में उद्योगों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की थी।आइए जानते हैं किसने क्या कहा।
नेपाली पीएम ने जताया दुख
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'उद्योग जगत के एक सच्चे दिग्गज रतन टाटा के निधन से बहुत गहरा दुख हुआ है। व्यापार के साथ-साथ परोपकार में उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत से कहीं आगे तक बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को प्रभावित किया। उनकी विरासत और समाज पर सकारात्मक प्रभाव को संजोया जाएगा।'
विशाल दिल वाले दिग्गज को खोया: गार्सेटी
भारत में अमेरिका राजनयिक एरिक गार्सेटी ने कहा, 'भारत और दुनिया ने एक विशाल दिल वाले दिग्गज को खो दिया है। जब मुझे राजदूत के रूप में सेवा करने के लिए चुना गया था, तो भारत की ओर से पहली बधाई रतन टाटा ने दी थी, जिन्होंने दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के बोर्ड में सेवा करते हुए मेरे गृहनगर की बहुत सेवा की। उन्होंने अपने देश के लिए अधिक समृद्धि और समानता का भविष्य देखा और हमारी दुनिया के लिए बहुत कुछ किया। उनकी यादें हमेशा बनी रहेंगी।'
इनके अलावा, भारतीय अमेरिकियों ने दिग्गज उद्योगपति और परोपकारी रतन नवल टाटा के निधन पर शोक जताया और उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया जिन्होंने भारत को समृद्धि और विकास की ओर अग्रसर किया।
टाटा को भारत को बेहतर बनाने की गहरी चिंता थी: सुंदर पिचाई
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'रतन टाटा के साथ गूगल में मेरी आखिरी मुलाकात हुई थी। यहां हमने वेमो की प्रगति के बारे में बात की और उनका विजन सुनना प्रेरणादायक था। वे एक असाधारण व्यवसाय और परोपकारी विरासत छोड़ गए हैं और भारत में आधुनिक व्यावसायिक नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें भारत को बेहतर बनाने की गहरी चिंता थी। उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना और श्री रतन टाटा जी को शांति मिले।'
सबकी भलाई के लिए मानवता और करुणा के मूल्यों का समर्थन किया: केशप
अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के अध्यक्ष अतुल केशप ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित भारत के अद्वितीय और महान सपूत रतन टाटा कुलीनता और उदारता के लिए एक आदर्श हैं। उन्होंने आगे कहा, 'जबकि कुछ लोग गलती से व्यापार को तुच्छ समझते हैं, रतन टाटा ने वैश्विक दर्शकों को वाणिज्य की महानता की याद दिलाई, जबकि उन्होंने अपनी कंपनियों और भारत को अधिक समृद्धि और विकास की ओर अग्रसर किया। उन्होंने न केवल अपने सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों के लिए बल्कि व्यापक भलाई के लिए भी मानवता और करुणा के मूल्यों का समर्थन किया।'
क्या बोले इंडियास्पोरा के संस्थापक?
इंडियास्पोरा के संस्थापक एम आर रंगास्वामी ने कहा, 'इंडियास्पोरा समुदाय अत्यंत दुख के साथ रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करता है, जो एक दूरदर्शी नेता, दयालु परोपकारी और भारत के सबसे सम्मानित बिजनेस आइकॉन में से एक हैं।'
9 अक्तूबर को हुआ था निधन
भारत के दिग्गज बिजनेसमैन रतन टाटा का 9 अक्तूबर (बुधवार) की देर रात निधन हो गया था। मुंबई के ब्रीज कैंडी अस्पताल में रतन टाटा ने आखिरी सांस ली। अपने बाद रतन टाटा बहुत बड़ा साम्राज्य छोड़कर गए हैं। इस समूह में नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। टाटा ग्रुप का वैल्यूएशन करीब 400 अरब डॉलर के पार है, जो पाकिस्तान की जीडीपी से भी ज्यादा है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.