Nepal: नेपाली कांग्रेस बनाएगी चुनावी गठबंधन, लेकिन सीटों का बंटवारा है बड़ी चुनौती
नेपाली कांग्रेस की सेंट्रल कमेटी ने अपनी एक बैठक में गठबंधन बनाए रखने का फैसला किया। इस बारे में लाए गए प्रस्ताव को आम राय से पारित कर दिया गया। तय किया गया कि अब पार्टी नेतृत्व सीटों के बंटवारे पर सहयोगी दलों से बातचीत शुरू करेगा...
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नेपाली कांग्रेस ने इस वर्ष होने वाले संघीय और प्रांतीय चुनावों में मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन को कायम रखने का फैसला किया है। इससे यह आशंका दूर हो गई है कि नेपाली कांग्रेस ऐन वक्त पर अपने कुछ सहयोगी दलों को छोड़ सकती है। लेकिन गठबंधन के अंदर किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, इस सवाल का जवाब अभी तय नहीं किया गया है। इसलिए पर्यवेक्षकों की राय में आगे चल कर विवाद की गुंजाइश बनी हुई है।
नेपाली कांग्रेस की सेंट्रल कमेटी ने अपनी एक बैठक में गठबंधन बनाए रखने का फैसला किया। इस बारे में लाए गए प्रस्ताव को आम राय से पारित कर दिया गया। तय किया गया कि अब पार्टी नेतृत्व सीटों के बंटवारे पर सहयोगी दलों से बातचीत शुरू करेगा। सेंट्रल कमेटी ने कहा कि बीते 13 मई को हुए स्थानीय चुनावों में सत्ताधारी गठबंधन का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। अब उसका लक्ष्य अगले चुनावों में अधिक से अधिक सीटें जीतने का है।
सेंट्रल कमेटी की बैठक हफ्ते भर चली। इसमें प्रमुख मुद्दा चुनाव जीत सकने लायक गठबंधन बनाने का ही रहा। नेपाली संसद के निचले सदन की 165 सीटों के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन होता है। बाकी 165 सीटों का फैसला आनुपातिक आधार पर होता है। यानी जिस पार्टी को प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली सीटों पर जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उन 165 में से उतनी सीटें उन्हें मिल जाती हैं।
इस महीने के आरंभ में निर्वाचन आयोग ने 18 नवंबर को आम चुनाव कराने का सुझाव सरकार के सामने रखा था। शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। नेपाली अखबारों में छपी कुछ खबरों में कहा गया है कि सत्ताधारी गठबंधन के कुछ नेता आम चुनाव को अगले साल फरवरी तक टालना चाहते हैं। नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने इस बात की पुष्टि की है।
थापा ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘चुनाव को स्थगित करने के सुझाव दिए गए हैं। लेकिन प्रधानमंत्री देउबा ने सेंट्रल कमेटी की बैठक के दौरान कहा कि वे निर्वाचन आयोग की 18 नवंबर को चुनाव कराने की राय से सहमत हैं। अब पार्टी ने चुनावी गठबंधन बनाने का फैसला कर लिया है। अब इस सिलसिले में बातचीत शुरू होगी और यह एक कठिन दौर होगा।’
क्या गठबंधन को साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाना चाहिए, बताया जाता है कि इस बारे में प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने सेंट्रल कमेटी की बैठक में कोई साफ बात नहीं कही। लेकिन कई नेताओं ने जोर दिया कि नेपाली कांग्रेस को मुख्य मुद्दों पर गठबंधन सहयोगियों के बीच सहमति तैयार करनी चाहिए। इन मुद्दों में संविधान की रक्षा, लोकतंत्र को मजबूत करना, विदेश नीति और अर्थव्यवस्था में सुधार के उपाय शामिल हैं। सहमति के समर्थक नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ा दल होने के नाते आखिरकार नेपाली कांग्रेस ही जनता के प्रति जवाबदेह होगी।
नेपाली कांग्रेस ने 2017 के चुनाव नतीजों के आधार पर सीटों का बंटवारा करने की बात ठुकरा दी है। तब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) को 36 सीटें मिली थीं, जबकि नेपाली कांग्रेस 23 सीटें ही जीत पाई थी। सत्ताधारी गठबंधन में इन दोनों दलों के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), जनता समाजवादी दल और जन मोर्चा शामिल हैं।