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Johnsons: अमेरिकी कोर्ट में रोते हुए लगाई अर्जी, कहा- जॉनसन पाउडर से हुआ कैंसर, बचाव में कंपनी ने दिया यह बयान

Wed, 28 Jun 2023 07:28 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 28 Jun 2023 07:28 AM IST
सार

अलमेडा काउंटी सुपीरियर कोर्ट में गवाही देते हुए हर्नांडेज ने रोते-रोते जूरी सदस्यों से कहा, मैं जीवन से निराश हो गया हूं। मैं बस एक डरा हुआ छोटा बच्चा बन गया हूं। अगर कंपनी ने पाउडर पर चेतावनी दी होती कि उसमें एस्बेस्टस है, तो कभी इसका इस्तेमाल नहीं करता।

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Case against johnsons Baby powder in Court of Washington on allegations of Cancer
जॉनसन बेबी पाउडर। - फोटो : Social Media

विस्तार

दुनिया भर में बच्चों के उत्पाद बेचने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ एक शख्स ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि बचपन में जॉनसन बेबी पाउडर लगाने के कारण उसे कैंसर हो गया है। केस करने वाले एमोरी हर्नांडेज नाम के एक शख्स ने जूरी सदस्यों को बताया कि कैंसर के कारण उसके जीवन में निराशा आ गई। इसके लिए वो बचपन से उपयोग किए गए जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के बेबी पाउडर को दोषी मानता है।

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कंपनी ने किया अपना बचाव
अलमेडा काउंटी सुपीरियर कोर्ट में गवाही देते हुए हर्नांडेज ने रोते-रोते जूरी सदस्यों से कहा, मैं जीवन से निराश हो गया हूं। मैं बस एक डरा हुआ छोटा बच्चा बन गया हूं। अगर कंपनी ने पाउडर पर चेतावनी दी होती कि उसमें एस्बेस्टस है, तो कभी इसका इस्तेमाल नहीं करता। कंपनी ने अपने बचाव में कहा कि हर्नांडेज की बीमारी फेफड़ों को प्रभावित करने के बजाय हृदय के आसपास के ऊतकों को प्रभावित करती है। इस कारण उनकी बीमारी को एस्बेस्टस के संपर्क से होने को नहीं जोड़ा जा सकता। 

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अमेरिकी एजेंसी की जांच में यह आया सामने
एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अगस्त-सितंबर में यूएस ड्रग कंट्रोल एजेंसी की एक खास जांच में जॉनसन बेबी पाउडर का एक नमूना लिया गया था। इसके जांच के बाद पाया गया कि इसमें कार्सिनोजेनिक क्राइसोटाइल फाइबर है, जिससे कैंसर होने का खतरा होता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का मानना है कि लंबे समय से बच्चों को पाउडर नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा कई डॉक्टरों का कहना है कि इससे इनहेलेशन कि दिक्कत होती है। साथ ही कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। इन दोनों बीमारियों की वजह है टैल्क। 

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