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कैपिटल हिंसा में नहीं था डोनाल्ड ट्रंप का हाथ, नहीं हैं पर्याप्त सबूत: वकीलों ने सीनेट में कहा

Sat, 13 Feb 2021 09:58 AM IST
स्नेहा बलूनी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: स्नेहा बलूनी Updated Sat, 13 Feb 2021 09:58 AM IST
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capitol hill donald trump lawyers denied his hands in violence in senate says there are not enough proofs for it
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) में छह जनवरी को हुए दंगों के मामले में महाभियोग का सामना कर रहे देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने सीनेट में कहा कि ट्रंप कानून-व्यवस्था के प्रमुख थे और उनके भाषण ने दंगा नहीं भड़काया। वकीलों ने दावा किया कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के दौरान लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

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ट्रंप के वकील ब्रूस कैस्टर ने कहा, 'प्रतिनिधि सभा के प्रबंधकों ने महाभियोग के लिए जो आरोप पेश किए हैं, उन्हें सही साबित करने के लिए सबूतों का अभाव है।' कैस्टर ने कहा कि प्रतिनिधि सभा ने राजनीति से प्रेरित होकर यह महाभियोग चलाया है। सीनेट में पिछले दो दिन प्रतिनिधि सभा प्रबंधकों ने ट्रंप के खिलाफ दलीलें दी थीं।
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कैस्टर ने विभिन्न डेमोक्रेटिक नेताओं की वीडियो क्लिप दिखाते हुए कहा, 'उनका लक्ष्य एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को हटाना है, मतदाताओं की इच्छा के नाम पर अपना फैसला लागू करना करना है।' उन्होंने कहा कि इस महाभियोग सुनवाई के दौरान सबसे अहम बात यह है कि 45वें राष्ट्रपति ने भीड़ को उकसाया या नहीं।
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उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक नेता इसे राजद्रोह कह रहे हैं, लेकिन 'यह निश्चित ही राजद्रोह नहीं है।' कैस्टर ने कहा कि राजद्रोह तब होता है, जब देश की सत्ता हथियाने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस मामले में स्पष्ट रूप से ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने एफबीआई, न्याय मंत्रालय और कई पूर्व एवं मौजूदा अधिकारियों की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि छह जनवरी के दंगे पूर्व नियोजित थे।

कैस्टर ने कहा, '(पूर्व) राष्ट्रपति का इन दंगों में कोई हाथ नहीं है। उन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हिंसा के इस्तेमाल या गैरकानूनी कदमों को प्रोत्साहित नहीं किया।' ट्रंप के वकीलों ने करीब चार घंटे अपनी दलीलें दीं। इसके बाद महाभियोग की सुनवाई के दौरान जूरी का काम कर रहे सीनेटरों ने दोनों पक्षों से सवाल किए। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद 100 सदस्यीय सीनेट महाभियोग की सुनवाई पर मतदान करेगी। 

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग पारित करने के लिए सीनेट के 67 मतों की आवश्यकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेताओं के लिए इतने मत हासिल करना मुश्किल है, क्योंकि सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के 50 सदस्य है और उन्हें 17 रिपब्लिकन नेताओं के मतों की आवश्यकता है।


कैस्टर ने कहा कि राष्ट्रपति शुरुआत से ही इस बात को लेकर स्पष्ट रहे हैं कि कैपिटल पर हमला करने वालों को सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिनिधि सभा के प्रबंधकों ने ट्रंप की वीडियो के साथ छेड़छाड़ की, जिसमें चुनिंदा रूप से उनके भाषण दिखाए गए।

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