Canada: कनाडाई पीएम ने अमेरिका-कनाडा सीमा पर हुए हादसे के जांच की बात कही, पिछले हफ्ते आठ लोगों की गई थी जान
प्रधानमंत्री ट्रूडो ने कहा कि परिवार के साथ हुए हादसे से दिल दुखी है। उन्होंने कहा कि आखिर हादसा हुआ कैसे, इस बारे में कई सवाल हैं। ट्रूडो ने कहा कि हमें यह देखना चाहिए कि जो हुआ क्या वह होना चाहिए था, इसकी जांच की जानी चाहिए।
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि अमेरिका-कनाडा सीमा पर हुए हादसे के जांच की जानी चाहिए। पिछले हफ्ते हुए हादसे में भारतीय और रोमानियाई मूल के दो परिवारों के आठ लोगों की मौत हो गई थी। अवैध रूप से कनाडा से अमेरिका जाते वक्त दोनों परिवारों के सदस्य सेंट लॉरेंस नदी में डूब गए थे। अकवेसने में नदी के किनारे से 8 लोगों के शव बरामद हुए थे।
हादसे से दिल दुखी है
भारतीय मूल के लोगों की पहचान भारत के उनके परिजनों ने की। इसमें प्रवीण चौधरी (50), दक्षाबेन चौधरी (45), उनकी बेटी विधी (23) और बेटा मेट (20) शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हादसे और रोक्सम रोड के अवैध बॉर्डर के बीच संबंध बनाना बहुत जल्दी होगी। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री ट्रूडो ने कहा कि परिवार के साथ हुए हादसे से दिल दुखी है। उन्होंने कहा कि आखिर हादसा हुआ कैसे, इस बारे में कई सवाल हैं। ट्रूडो ने कहा कि हमें यह देखना चाहिए कि जो हुआ क्या वह होना चाहिए था, इसकी जांच की जानी चाहिए। लेगॉल्ट ने कहा कि हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदनाएं हैं।
कुछ शरणार्थी समूह असहमत हैं
24 मार्च को घोषित हुए सेफ थर्ड कंट्री एग्रीमेंट (STCA) की बातचीत के कारण दक्षिणी मॉन्ट्रियल में कनाडा-अमेरिका सीमा पर शरण चाहने वाले दर्जनों लोगों को न्यूयॉर्क के ग्रामीण इलाकों में वापस भेजे जाने से पहले हिरासत में रखा था। उनकी सारी बचत खत्म हो गईं। रहने और खाने के लिए भी उनके पास संसाधन नहीं हैं।
रोक्शम रोड के बंद होने और दो परिवारों की मौत में कोई संबंध है या नहीं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। शरणार्थियों के वकील के वकील का कहना है कि रोड बंद होने के कारण सीमा में बढ़ी निगरानी के कारण ऐसे जोखिम उठाने के लिए लोग मजबूर हैं। वे इसकी उम्मीद करते हैं।
परिवार के प्रति संवेदनाएं
क्वींस यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर रीना कुकरेजा ने कहा कि यह उन घटनाओं में से एक है, जो हादसों के रूप में सामने आएंगी। अकवेस्ने मोहॉक पुलिस ने शनिवार को रोमानियाई परिवार के दो सदस्यों की पहचान की है। क्रिस्टीना जेनाइन इओर्डाचे और फ्लोरिन इओर्डाचे के रूप में उनकी पहचान हुई है। दोनों 28 वर्ष के थे। IRCC के प्रवक्ता स्टुअर्ट इशरवुड ने ईमेल करते हुए लिखा कि हम कॉर्नवाल के पास हुई मौतों से बेहद दुखी हैं। मृतकों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।"
विरोध प्रदर्शन किया
शरणार्थियों के लिए कई गुटों ने मंगलवार दोपहर प्रधानमंत्री ट्रूडो के ऑफिस के बाहर विरोध किया। हाल ही में सुरक्षित तीसरे देश के समझौते में बदलाव और देश में पहले से शरण चाहने वालों के लिए समर्थन की कमी की निंदा की गई। टोरंटो में भी प्रदर्शन किया गया था।