{"_id":"69a7981499599a3e270d1ebf","slug":"canada-pm-mark-carney-says-middle-east-conflict-shows-failure-of-global-order-iran-nuclear-us-israel-attack-2026-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Iran Crisis: 'वैश्विक व्यवस्था की नाकामी का उदाहरण है मध्य पूर्व संकट', बोले कनाडाई पीएम मार्क कार्नी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Iran Crisis: 'वैश्विक व्यवस्था की नाकामी का उदाहरण है मध्य पूर्व संकट', बोले कनाडाई पीएम मार्क कार्नी
Wed, 04 Mar 2026 07:55 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 04 Mar 2026 07:55 AM IST
सार
अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान में लगातार हमले जारी हैं। वहीं, तेहरान भी इस्राइल के साथ खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। यह संकट ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने वाले सैन्य हमलों और वार-पलटवार के बाद और गहरा गया है। इससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
विज्ञापन
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दशकों की कूटनीति, प्रतिबंधों और वैश्विक प्रयासों के बावजूद ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोका नहीं जा सका है।
सिडनी दौरे पर पत्रकारों से बातचीत में कार्नी ने कहा कि मौजूदा संकट यह दिखाता है कि वैश्विक संस्थाएं वर्षों की वार्ता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ईरान को नियंत्रित करने में सफल नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें खेद है कि यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विफलता का एक और उदाहरण बन गया है।
ये भी पढ़ें: US-Iran War: ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के नाम जारी, कुवैत में ड्रोन हमले में गंवाई जान
विज्ञापन
बना हुआ है ईरान का परमाणु खतरा :कार्नी
मार्क कार्नी ने कहा कि वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी, कई दौर के प्रतिबंधों और कूटनीतिक ढांचे के बावजूद ईरान का परमाणु खतरा बना हुआ है।
उन्होंने दोहराया कि कनाडा लंबे समय से ईरान को क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का प्रमुख स्रोत मानता रहा है। कार्नी के अनुसार, ईरानी शासन और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से क्षेत्र को बड़ी दिक्कत उठानी पड़ी है। सैकड़ों लोग, जिनमें कनाडाई नागरिक भी शामिल हैं, मारे गए हैं।
अमेरिका-इस्राइल के हमलों पर कही ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों का विरोध करता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि हालिया घटनाक्रम में संयुक्त राष्ट्र को शामिल किए बिना और सहयोगी देशों से परामर्श किए बिना अमेरिका और इस्राइल ने कार्रवाई की।
ये भी पढ़ें: Oil Supply: 'अगर जरूरत पड़ी तो तेल के जहाजों को सुरक्षा देगी US नौसेना', होर्मुज संकट पर ट्रंप का बड़ा बयान
कार्नी ने कहा कि संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में नागरिकों और नागरिक ढांचे पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
सिडनी दौरे पर पत्रकारों से बातचीत में कार्नी ने कहा कि मौजूदा संकट यह दिखाता है कि वैश्विक संस्थाएं वर्षों की वार्ता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ईरान को नियंत्रित करने में सफल नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें खेद है कि यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की विफलता का एक और उदाहरण बन गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: US-Iran War: ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के नाम जारी, कुवैत में ड्रोन हमले में गंवाई जान
विज्ञापन
बना हुआ है ईरान का परमाणु खतरा :कार्नी
मार्क कार्नी ने कहा कि वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी, कई दौर के प्रतिबंधों और कूटनीतिक ढांचे के बावजूद ईरान का परमाणु खतरा बना हुआ है।
उन्होंने दोहराया कि कनाडा लंबे समय से ईरान को क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का प्रमुख स्रोत मानता रहा है। कार्नी के अनुसार, ईरानी शासन और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से क्षेत्र को बड़ी दिक्कत उठानी पड़ी है। सैकड़ों लोग, जिनमें कनाडाई नागरिक भी शामिल हैं, मारे गए हैं।
अमेरिका-इस्राइल के हमलों पर कही ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों का विरोध करता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि हालिया घटनाक्रम में संयुक्त राष्ट्र को शामिल किए बिना और सहयोगी देशों से परामर्श किए बिना अमेरिका और इस्राइल ने कार्रवाई की।
ये भी पढ़ें: Oil Supply: 'अगर जरूरत पड़ी तो तेल के जहाजों को सुरक्षा देगी US नौसेना', होर्मुज संकट पर ट्रंप का बड़ा बयान
कार्नी ने कहा कि संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में नागरिकों और नागरिक ढांचे पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन