लंदन: ऑफिस में कर्मचारी को गंजा कहकर नौकरी से निकाला, ट्रिब्यूनल ने यौन उत्पीड़न माना
कर्मचारी की शिकायत से संबंधित घटना जुलाई 2019 में एक विवाद के संदर्भ में थी, जब कारखाने के पर्यवेक्षक जेमी किंग ने बहस के दौरान उसके गंजेपन का मजाक उड़ाया था।
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ऑफिस मेंर किसी आदमी को गंजा कहना यौन उत्पीड़न के दायरे में आता है, इंग्लैंड में एक रोजगार ट्रिब्यूनल ने यह निष्कर्ष निकाला है। जस्टिस जोनाथन ब्रेन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल को यह निर्धारित करना था कि किसी इंसना में बालों की कमी का संदर्भ केवल अपमान है या यौन उत्पीड़न। यह फैसला टोनी फिन द्वारा वेस्ट यॉर्कशायर स्थित ब्रिटिश बंग कंपनी के खिलाफ अपनी अनुचित बर्खास्तगी और यौन भेदभाव के दावे से संबंधित है, जहां उन्होंने पिछले साल मई में नौकरी से निकाल दिए जाने से पहले 24 साल तक इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम किया था।
ट्रिब्यूनल गंजे शब्द को सेक्स से जुड़ा माना
ट्रिब्यूनल ने कहा कि हमारे फैसले में एक तरफ 'गंजा' शब्द और दूसरी तरफ सेक्स की संरक्षित विशेषता के बीच संबंध है। ट्रिब्यूनल ने स्वीकार किया कि कंपनी ब्रिटिश बंग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड के वकील ने सही कहा कि महिलाएं और पुरुष गंजे हो सकते हैं। हालांकि, ट्रिब्यूनल के सभी तीन सदस्य सहमत थे कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में गंजापन अधिक होता है। हम इसे स्वाभाविक रूप से सेक्स से संबंधित पाते हैं।
मामले की सुनवाई इस साल फरवरी और अप्रैल में उत्तरी इंग्लैंड के शेफील्ड में हुई थी। इस सप्ताह की शुरुआत में यौन उत्पीड़न, अनुचित बर्खास्तगी और गलत तरीके से बर्खास्तगी के उनके दावों को बरकरार रखने के बाद फिन के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए एक तारीख निर्धारित की जाएगी। हालांकि उम्र के भेदभाव के एक संबंधित दावे को खारिज कर दिया गया। फिन की शिकायत से संबंधित घटना जुलाई 2019 में एक विवाद के संदर्भ में थी जब कारखाने के सुपरवाइजर जेमी किंग ने बहस के दौरान उसके गंजेपन का मजाक उड़ाया था।
फिन ने ट्रिब्यूनल को बताया, मैं एक मशीन पर काम कर रहा था जिसकी मुझे खास मरम्मत करनी थी। कवर हटा दिए गए थे, और यह साफ था कि जेमी किंग ने ऐसा किया है। जब मैंने उससे इस बारे में बात की तो उसने मुझे एक बेवकूफ बूढ़ा गंजा कहना शुरू कर दिया और मुझे हटाने की धमकी दी। अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के डर से मैं सुपरवाइजर एडी हडसन के ऑफिस चला गया। जेमी ने ऑफिस के दरवाजे पर धमकियों और गालियों का सिलसिला जारी रखा। इसे एडी ने भी देखा।
भारतीय मूल के चार्टर्ड एकाउंटेंट को पांच साल की सजा
एक भारतीय मूल के चार्टर्ड एकाउंटेंट को ब्रिटेन की एक अदालत ने एक कमजोर पीड़िता का 331,858 पाउंड मूल्य की संपत्ति ठगने के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद साढ़े पांच साल कैद की सजा सुनाई है। 73 वर्षीय सुखविंदर सिंह को गुरुवार को उत्तर-पूर्व इंग्लैंड में यॉर्क क्राउन कोर्ट में धोखाधड़ी के चार मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सजा सुनाई गई। अदालत ने पाया कि पीड़ित, जिसकी पहचान केवल ए' के रूप में की गई है, उसे सामाजिक और शारीरिक अक्षमताएं हैं और सिंह ने उसे निशाना बनाते हुए उसे धोखा दिया।