एक टीवी चैनल की लोकप्रियता से फ्रांस में छिड़ी बहस, मध्यमार्गी और वामपंथी परेशान
सी न्यूज फ्री टू एयर चैनल है। इसके मालिक फ्रेंच उद्योगपति विन्सेंट बोलोर हैं। पिछले दो साल के अंदर इस चैनल के दर्शकों की संख्या दोगुनी हो गई है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस चैनल के न्यूज बुलेटिन में ज्यादा जगह अपराध और आव्रजन संबंधी खबरों को दी जाती है...
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फ्रांस में सी न्यूज टीवी चैनल अपराध और आव्रजन संबंधी मुद्दों पर गरमा गर्म टॉक शो के लिए बहुचर्चित रहा है। अब आलोचक इसकी तुलना अमेरिका के फॉक्स न्यूज से कर रहे हैं, जिसकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में जन समर्थन बनाने में बड़ा रोल रहा था। फ्रांस में इस महीने सी न्यूज के दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। इससे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी के साथ-साथ दूसरी मध्यमार्गी और वामपंथी पार्टियां भी परेशान हैं। उन्हें अंदेशा है कि इस चैनल की चढ़ती टीआरपी का लाभ अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में धुर दक्षिणपंथी उम्मीदवार नेशनल रैली पार्टी की मेरी ली पेन को मिलेगा।
सी न्यूज फ्री टू एयर (मुफ्त में दिखने वाला) चैनल है। इसके मालिक फ्रेंच उद्योगपति विन्सेंट बोलोर हैं। पिछले दो साल के अंदर इस चैनल के दर्शकों की संख्या दोगुनी हो गई है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस चैनल के न्यूज बुलेटिन में ज्यादा जगह अपराध और आव्रजन संबंधी खबरों को दी जाती है। इसके टॉक शोज में धुर दक्षिणपंथी विश्लेषकों को खास अहमियत दी जाती है, तो दूसरे पक्ष के राजनेताओं या टीकाकारों की क्लास लगाते हैँ।
चैनल के स्टार एंकर एरिक जेमॉर के हर रात होने वाले शो को अब अक्सर दस लाख तक लोग देख रहे हैं। जेमॉर की पहचान एक धुर दक्षिणपंथी पत्रकार की है। वे अक्सर मौजूदा घटनाओं का विश्लेषण ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देकर करते हैं। उनकी टिप्पणियों को नस्लीय और धार्मिक नफरत फैलाने वाली माना जाता है। 2010 में एक कोर्ट का फैसला भी उनके खिलाफ आया था। तब जेमॉर ने कहा था कि नशीली दवाओं के ज्यादातर तस्कर ब्लैक और अरब देशों के लोग होते हैँ। 2019 में उन्होंने कहा था कि मुसलमान फ्रांस को गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस साल मार्च में उन्होंने बाल आव्रजकों और शरणार्थियों के खिलाफ तीखी टिप्पणियां कीं। तब फ्रांस के मीडिया रेगुलेटर सी न्यूज पर दो लाख यूरो का जुर्माना लगाया था। लेकिन इन मामलों से जेमॉर की लोकप्रियता घटने के बजाय बढ़ी है। उनकी लिखी किताबें बेस्टसेलर में शामिल हुई हैँ।
हाल में जेमॉर के शो और कुल मिलाकर सी न्यूज की दर्शक संख्या में भारी उछाल आया है। इससे सी न्यूज की राजनीतिक भूमिका को लेकर बहस खड़ी हो गई है। आरोप है कि सी न्यूज 2022 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले देश में नस्ल और धर्म को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी महीने इफॉप सर्वे एजेंसी के एक सर्वेक्षण से सामने आया कि अगले साल राष्ट्रपति चुनाव में फ्रांस के मतदाताओं के लिए मुख्य मुद्दा आतंकवाद और देश की सुरक्षा रहेगा। वे वो मुद्दे हैं, जो मेरी ली पेन के माफिक हैं।
सी न्यूज के महानिदेशक सर्जे नेदजार ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से कहा कि सी न्यूज की रुपर्ट मर्डोक के फॉक्स न्यूज से तुलना सही नहीं है। फॉक्स न्यूज ने खुल कर ट्रंप का समर्थन किया था, जबकि सी न्यूज की किसी पार्टी या नेता से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि सीन्यूज सिर्फ वो खबरें दिखाता है, जिनमें दर्शकों की ज्यादा रुचि होती है।
लेकिन ये मुद्दे ली पेन की पार्टी को अपने फायदे में लग रहे हैं। नेशनल रैली पार्टी के चुनाव प्रबंधकों में से एक जुलियन ओदॉल ने कहा- सी न्यूज एक दुर्लभ चैनल है, जो असली जिंदगी की बात करता है। ये चैनल वह दिखता है, जो फ्रांस के लोग रोज अपनी जिंदगी में देखते हैं। लेकिन पिछले चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार रह चुके बेनॉत हैमन ने एक रेडियो शो में कहा कि सी न्यूज अपने नजरिए में अल्ट्रा-कंजरवेटिव, भेदभाव से पूर्ण, इस्लामोफोबिक और अक्सर नस्लवादी रूप में सामने आता है। मीडिया विश्लेषक माइकल जोल्तोब्रोदा ने द गार्जियन से कहा कि फ्रांस में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी टीवी चैनल ने खुल कर दक्षिणपंथी मुद्दों और टीकाकारों को इतनी अहमियत दी हो।