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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हुए इमोशनल: ऋषि सुनक ने कहा- दोनों बेटियों को उतना समय नहीं दे पाया, जितना देना चाहिए

Fri, 29 Mar 2024 12:33 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 29 Mar 2024 12:33 AM IST
सार

प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि मेरे लिए मेरी बेटियां बहुत मायने रखती हैं। एक अच्छा पिता होने के दायित्वों को निभाने के साथ-साथ अपने काम को अच्छी तरह से करने के बीच संतुलन बनाना होता है, जो काफी कठिन है।

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British Prime Minister Rishi Sunak emotional shares hard balance of being good dad as UK PM
ऋषि सुनक, प्रधानमंत्री, ब्रिटेन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

छोटे-छोटे दो बच्चों का पिता होते हुए विभिन्न संकटों के बावजूद देश का प्रधानमंत्री पद संभालना, देश का नेतृत्व करना काफी कठिन है। यह कहना है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का। सुनक का कहना है कि मेरी दो बेटियां हैं, कृष्णा (12) और अनुष्का (11) मैं उन्हें उतना समय नहीं दे पा रहा हूं, जितना समय मैं उन्हें देना चाहता हूं। 

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मेरे पास बड़ा और महत्वपूर्ण पद है  
ऋषि सुनक गुरुवार को कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व नेता विलियम हेग के साथ एक पॉडकास्ट में शामिल हुए थे। पॉडकास्ट में सुनक थोड़े इमोशनल हो गए। इस दौरान ब्रिटेन के राजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री पद संभालने को लेकर सामने आईं चुनौतियों के बारे में जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए मेरी बेटियां बहुत मायने रखती हैं। एक अच्छा पिता होने के दायित्वों को निभाने के साथ-साथ अपने काम को अच्छी तरह से करने के बीच संतुलन बनाना होता है, जो काफी कठिन है। मेरे पास एक बड़ा और महत्वपूर्ण पद है। मुझे उसे प्राथमिकता देनी होती है। इसलिए एक पिता के रूप में मुझे उतना समय नहीं मिल पाता, जितना मिलना चाहिए।  

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परिवार के भारत से ब्रिटेन तक की यात्रा की सुनाई कहानी
इसके अलावा परिवार की यात्रा के बारे में सुनक ने बताया कि मेरे दादा-दादी भारत से पूर्वी अफ्रीका गए थे। इसके बाद मेरे माता-पिता और दादा-दादी आप्रवासी के रूप में ब्रिटेन आए। मेरी दादी पहली बार हवाई जहाज में बैठीं। उन्हें नहीं पता था कि यहां हम क्या करेंगे। आज मैं 10 डाउनिंग स्ट्रीट में बैठा हूं। यह एक अविश्वनीय यात्रा है। मैं इस यात्रा से काफी ज्यादा प्रेरित हूं। मेरी यात्रा मेरे देश के खुलेपन की कहानी बयां करती है। मुझे लगता है कि ऐसे कुछ ही देश होंगे, जहां मेरी जैसी कहानी बन सके। मेरे परिवार की कहानी में मेहनत, कड़ी मेहनत, प्यार, परिवार की अहमियत, सेवा सहित अन्य मूल्य शामिल हैं, जिनके साथ मैं बड़ा हुआ हूं।  

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