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Yasin Malik: पाकिस्तानी मूल के सांसद ने यूके संसद में उठाया यासीन मलिक का मामला, ब्रिटिश मंत्री बोले- हम करीब से नजर रख रहे हैं

Wed, 18 May 2022 05:59 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 18 May 2022 05:59 AM IST
सार

पाकिस्तानी मूल के लिबरल डेमोक्रेटिक सांसद लॉर्ड कुर्बान हुसैन ने ‘भारत प्रशासित कश्मीर में मानवाधिकार स्थिति’ शीर्षक के तहत मलिक की सुनवाई को लेकर सवाल किया, जिसके जवाब में विदेश कार्यालय में दक्षिण एशिया और राष्ट्रमंडल मामलों के प्रभारी मंत्री अहमद ने कहा कि यासीन मलिक के मामले की बात की जाए, तो हम इसकी सुनवाई पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।

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British minister tells UK Parliament Monitoring Yasin Malik trial very closely
Yasin Malik - फोटो : ANI

विस्तार

ब्रिटिश सरकार कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के मुकदमे की बहुत बारीकी से निगरानी कर रही है। ब्रिटेन के विदेश कार्यालय में मंत्री तारिक अहमद ने ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ को मंगलवार को यह जानकारी दी।

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पाकिस्तानी मूल के लिबरल डेमोक्रेटिक सांसद लॉर्ड कुर्बान हुसैन ने ‘भारत प्रशासित कश्मीर में मानवाधिकार स्थिति’ शीर्षक के तहत मलिक की सुनवाई को लेकर सवाल किया, जिसके जवाब में विदेश कार्यालय में दक्षिण एशिया और राष्ट्रमंडल मामलों के प्रभारी मंत्री अहमद ने कहा, ‘‘यासीन मलिक के मामले की बात की जाए, तो हम इसकी सुनवाई पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।’’
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बहरहाल, लार्ड अहमद ने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मलिक के खिलाफ भारतीय कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं और इसलिए यह मामला स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
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उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी देशों से अपील करते हैं कि वे हिरासत में बंद किसी भी व्यक्ति के साथ व्यवहार संबंधी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का हमेशा सम्मान करें और उन्हें बरकरार रखें।’’

सांसद लॉर्ड कुर्बान हुसैन ने मलिक को एक प्रमुख कश्मीरी नेता बताते हुए कहा कि उनके ब्रिटेन में भी बहुत समर्थक हैं। उन्होंने दावा किया कि कश्मीरियों को संदेह है कि भारत सरकार उनसे भी छुटकारा पाना चाहती है। उनका जीवन खतरे में है।

भारतीय मूल के सांसद इंदरजीत सिंह ने बाद में कहा कि भारत में मानवाधिकारों के मुद्दों पर ब्रिटेन की प्रतिक्रिया को मौन नहीं होना चाहिए क्योंकि भारत राष्ट्रमंडल का सदस्य है। अहमद ने अपनी भारतीय और पाकिस्तानी विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि वह भारत और पाकिस्तान दोनों की सरकारों के साथ सीधे "रचनात्मक तरीके" से चिंता के सभी मानवाधिकारों के मुद्दों को उठाते रहे हैं।

एक अन्य भारतीय मूल के सांसद लॉर्ड रामी रेंजर ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मामला उठाया। जिसमें हाल ही में पेशावर में दो सिख व्यापारियों की उनके धर्म के कारण हत्या कर दी गई थी। रेंजर ने सवाल किया, 'कश्मीर में आतंकियों को कौन हथियार सप्लाई कर रहा है, कौन उन्हें ट्रेनिंग दे रहा है और कौन उन्हें जन्नत में तबाही मचाने के लिए उकसा रहा है?


एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, अहमद ने पुष्टि की कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले महीने अपनी भारत यात्रा के दौरान मानवाधिकारों सहित अन्य व्यापक मुद्दों पर बातचीत की थी।

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