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India-UK Ties: ब्रिटेन की मंत्री लिसा नंदी का भारत दौरा, दोनों देशों ने नए सांस्कृतिक समझौते पर किए हस्ताक्षर

Fri, 02 May 2025 11:09 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 02 May 2025 11:09 PM IST
सार

India-UK Ties: भारत और ब्रिटेन ने सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य कला, विरासत और संग्रहालय प्रबंधन में दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। दोनों देश सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण पर मिलकर काम करेंगे।

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British Indian minister Lisa Nandy clinches India-UK cultural pact in Delhi
गजेंद्र सिंह शेखावत, लिसा नंदी। - फोटो : एक्स/गजेंद्र सिंह शेखावत

विस्तार

ब्रिटेन की संस्कृति, मीडिया और खेल मामलों की मंत्री लिसा नंदी इस हफ्ते अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर हैं। आज नई दिल्ली में उन्होंने भारत के संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। दोनों देशों ने एक नए सांस्कृतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। 

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ब्रिटेन के संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग (डीसीएमएस) की ओर से एक बयान जारी किया गया। इसमें नंदी के हवाले से कहा गया, ब्रिटेन और भारत कला और रचनात्मक क्षेत्र में दुनिया का नेतृतव करते हैं। मैं मानती हूं कि यह समझौता हमारे कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थानों और रचनात्मक व्यवसायों के लिए सहयोग, नवाचार और आर्थिक विकास के नए अवसर खोलेगा।  
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ब्रिटेन-भारत सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम का मकसद कला और विरासत के जरिए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है और रचनात्मक व्यवसायों व सांस्कृतिक संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को प्रोत्साहित करना है। इसमें ब्रिटेन और भारत मिलकर धरोहर संरक्षण, संग्रहालय प्रबंधन और संग्रहों के डिजिटलीकरण पर सर्वोत्तम प्रथाओं और विशेषज्ञता का समर्थन करेंगे। 


इस नए समझौते के क्रियान्वयन में भारत में ब्रिटिश काउंसिल और भारतीय संस्कृति मंत्रालय की भागीदारी होगी। साथ ही ब्रिटेन की आर्ट्स काउंसिल इंग्लैंड, ब्रिटिश लाइब्रेरी, ब्रिटिश म्यूजियम, नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, साइंस म्यूजियम ग्रुप और वी एंड ए म्यूजियम जैसी प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाएं भी इसमें शामिल होंगी। विभाग ने कहा कि इस पहले ब्रिटिश म्यूजियम को ऐसी नई साझेदारियां शुरू करने का मौका मिलेगा, जिनमें प्रदर्शनियों या जन केंद्रित कार्यक्रमों के जरिए ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय को जोड़ा जा सकेगा। 

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विभाग ने कहा कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दक्षिण एशियाई पांडुलिपियों में निहित ज्ञान को व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जा सके और सांस्कृतिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दोनों देशों ने सांस्कृतिक कलाकृतियों के अवैध व्यापार से निपटने का भी संकल्प लिया है। 

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