ब्रिटेन: अब टीवी पर नहीं दिखेंगे जंक फूड के विज्ञापन, बच्चों की सेहत को लेकर सरकार ने किया फैसला
- ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार ने बच्चों के सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है
- अब ब्रिटेन में टीवी पर जंक फूड के विज्ञापन दिखाई नहीं देंगे। सरकार का मानना है कि जिस तरह का कंटेंट बच्चे देखते हैं, वो उनकी आदतों को प्रभावित करता है
विस्तार
ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार ने बच्चों के सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार, सुबह साढ़े पांच बजे से रात नौ बजे तक टीवी आदि पर जंक फूड के विज्ञापन प्रसारित करने पर रोक होगी। जंक फूड विज्ञापनों से जुड़े ये नियम अगले साल से लागू होंगे। बच्चों का हानिकारक भोजन से कम से कम सामना हो, इस नियम का यही मकसद है।
इस मुद्दे पर सार्वजनिक सलाह-मशविरा किया गया है। ये नियम 2022 के अंत से लागू होंगे। इनके तहत ऐसे खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर प्रसारण सुबह साढ़े पांच बजे से रात नौ बजे तक रोक रहेगी जिनमें वसा, नमक और चीनी (एचएफएसएस) ज्यादा है। नए नियम टीवी, ब्रिटेन में मांग आधारित कार्यक्रमों पर लागू रहेंगे। इसी के साथ-साथ रोक ऑनलाइन माध्यम पर भी लागू रहेगी।
'आदतों पर पड़ता है देखने का असर'
यह फैसला बच्चों में मोटापे का मुकाबला करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की जो चर्चिल ने कहा कि हम बच्चों की सेहत में सुधार और मोटापे से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि युवा जो सामग्री देखते हैं, उसका असर उनकी पसंद और आदत पर पड़ता है। बच्चे अधिक वक्त ऑनलाइन बिता रहे है, इसलिए हमने हानिकारक विज्ञापनों से उन्हें बचाने के लिए कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि ये उपाय देश को फिट और सेहतमंद रखने के लिए हमारे रणनीति का एक और हिस्सा है और यह उन्हें खाने के बारे में अच्छी तरह से सोच-समझकर फैसला लेने का मौका देगा। यह रोक एचएफएसएस बनाने या बेचने वाले उन सभी कारोबारों पर लागू होगी जिनमें 250 या इससे ज्यादा कर्मी हैं। इसका मतलब है कि छोटे और मध्यम कारोबारी विज्ञापन दे सकेंगे।
लॉकडाउन से मिल सकता है छुटकारा
वहीं, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने मंगलवार को कहा था कि देश 19 जुलाई को कोविड-19 लॉकडाउन पूरी तरह से हटाने की ओर बढ़ रहा है क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौत और अस्पताल में भर्ती होने के आंकड़े बहुत कम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हम 19 जुलाई को लॉकडाउन हटाने की ओर बढ़ रहे हैं और हम सतर्कता बरतेंगे, हम मुख्य रूप से अगले हफ्ते की शुरूआत में आंकड़ों पर गौर करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते के आंकड़े बहुत ही उत्साहजनक हैं। मृतकों की संख्या बहुत कम हो गई है।