फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Britain's economy is under crisis, questions on leadership of Liz Truss

Britain: बिगड़ती ही जा रही है ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था, भारी पड़ रहा है लिज ट्रस का नेतृत्व

Tue, 18 Oct 2022 01:30 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 18 Oct 2022 01:30 PM IST
सार

Britain: ड्यूश बैंक और बार्कलेज बैंक ने अनुमान लगाया है कि ब्रिटिश सेंट्रल बैंक- बैंक ऑफ इंग्लैंड नवंबर में होने वाली अपनी अगली बैठक में ब्याज दर में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा। इससे आर्थिक विकास की संभावना और कमजोर होगी। गोल्डमैन सैक्श का अनुमान है कि ब्रिटेन में ब्याज दर 4.75 फीसदी तक पहुंच जाएंगी...

विज्ञापन
Britain's economy is under crisis, questions on leadership of Liz Truss
Britain: लिज ट्रस - फोटो : instagram/elizabeth.truss.mp

विस्तार

ब्रिटेन पर मंदी का साया लगातार गहराता जा रहा है। अब इसके उससे कहीं ज्यादा गंभीर होने का अंदेशा जताया जा रहा है, जैसा पहले सोचा गया था। इस बारे में मार्केट एनालिसिस करने वाली एजेंसियां अपने अनुमानों को अब नए सिरे से पेश कर रही हैं। इस सिलसिले में सबसे ताजा अनुमान अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्श ने सामने रखा है।

विज्ञापन

गोल्डमैन सैक्श ने ब्रिटेन की आर्थिक संभावना का अनुमान गिरा दिया है। इसमें कहा गया है कि अगले वर्ष ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था एक फीसदी सिकुड़ेगी। इसके पहले ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में 0.4 फीसदी गिरावट का अनुमान इस बैंक ने लगाया था। अब यह साफ है कि ब्रिटेन की लिज ट्रस सरकार की आर्थिक नीतियां देश को बहुत भारी पड़ रही हैं। ट्रस ने सत्ता संभालते ही कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का एलान किया था। उसके साथ निजी आय कर में भी छूट देने की घोषणा हुई थी। लेकिन ट्रस सरकार ने यह नहीं बताया कि इन कटौतियों से सरकारी खजाने को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे की जाएगी। इससे ब्रिटेन का बॉन्ड बाजार ढहने के करीब पहुंच गया। उससे फैली अफरा-तफरी के बीच ट्रस ने यू-टर्न लेते हुए तमाम रियायतों को वापस ले लिया। उन्होंने अफरा-तफरी का दोष अपने वित्त मंत्री क्वासी क्वार्तेंग पर मढ़ते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया।

विज्ञापन

लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि उससे ट्रस सरकार में बाजार का भरोसा और घटा है। गोल्डमैन सैक्श की रिपोर्ट में भी ये बात झलकी है। उसने कहा है कि ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि दर ज्यादा कमजोर हो गई है, देश की वित्तीय स्थिति बिगड़ गई है और अब कॉरपोरेट टैक्स में अगले अप्रैल से प्रस्तावित 25 फीसदी की वृद्धि ने ऐसी स्थिति बना दी है, जिसमें ब्रिटिश अर्थव्यवस्था के प्रति नजरिया नकारात्मक हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ड्यूश बैंक और बार्कलेज बैंक ने अनुमान लगाया है कि ब्रिटिश सेंट्रल बैंक- बैंक ऑफ इंग्लैंड नवंबर में होने वाली अपनी अगली बैठक में ब्याज दर में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा। इससे आर्थिक विकास की संभावना और कमजोर होगी। गोल्डमैन सैक्श का अनुमान है कि ब्रिटेन में ब्याज दर 4.75 फीसदी तक पहुंच जाएंगी।

मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म डिलॉइट ने एक बिजनेस सर्वे रिपोर्ट जारी की है, जिसमें ज्यादातर कंपनी अधिकारियों ने कहा कि ऊंची ब्याज दरों के बीच देश का मंदी से निकलना ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है। आज देश में कर्ज लेना 2010 से भी ज्यादा महंगा हो गया है। इसलिए कंपनियां निवेश बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। डिलॉइट के सर्वे में यह भी सामने आया कि ब्रिटेन की ज्यादातर कंपनियों का अनुमान है कि अगले एक साल में उनकी कमाई घटेगी। इसकी वजह लागत खर्च में हुई बढ़ोतरी है।

डिलॉइट के मुख्य अर्थशास्त्री इयन स्टीवर्ट ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से बातचीत में कहा कि लागत में बढ़ोतरी और ब्याज दर ऊंची होने की वजह से कंपनियों को अपनी निवेश नीति में बदलाव लाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा- 12 साल तक आसान शर्तों पर कर्ज मिलने का चला दौर अब खत्म हो रहा है, इसकी वजह से कंपनियों लागत और ऋण दोनों के बारे में नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed